गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

श्रीमती रीमा सिंह, एक साधारण महिला का असाधारण जीवन - अशोक चौधरी (समाज सेवी, विचारक एवं लेखक)

मैं मेरठ के गढ़ रोड पर स्थित नेहरू नगर कालोनी में निवास करता था।एक सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता होने के कारण मेरठ ही नहीं बल्कि बहुत दूर तक सामाजिक राजनीतिक व व्यापारी तथा सरकारी व गैर सरकारी लोगों तथा भिन्न भिन्न संगठनों से मेरा सम्पर्क हो गया था।इसी अभियान में मेरी जान पहचान गांव घाट के निवासी इं सुरेन्द्र सिंह से हो गई थी। में जहा रहता था वह क्षेत्र कुछ सघन आबादी का हो गया था,सडके भी कम चोड़ी थी। अतः मेरी यह इच्छा हुई कि किसी खुली कालोनी में रहने की व्यवस्था की जाय। घूमते फिरते इं सुरेन्द्र सिंह जी की सलाह पर मेंने दिल्ली हरिद्वार बाईं पास पर स्थित सुशांत सिटी सेक्टर 3 मे स्थित आईरिस गार्डन में बने डी टावर के सेकिंड फ्लोर पर चार नम्बर का दो कमरो का फ्लैट ले लिया तथा मार्च 2022 में में अपनी पत्नी के साथ यहां आकर रहने लगा।यही पर मेरी मुलाकात हमारी नेहरू नगर कालोनी में ही रहने वाले श्री राजन शर्मा से हुई। में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयं सेवक था, नेहरू नगर में रहते हुए सूरज कुंड में लगने वाली भरत शाखा में जाता था।राजन भी एक स्वयं सेवक थे, अतः मुलाकात होते ही राजन ने मुझसे सुशांत सिटी सेक्टर 5 में लगने वाली दयानंद शाखा में आने के लिए प्रेरित किया।जब मैं शाखा में पहुचा तो वहा मेरी मुलाकात श्री ब्रहमसिंह लखवाया तथा श्री सत्यबंधु गुप्ता से हुई। ब्रह्म सिंह लखवाया तथा सत्यबंधु जी मेरे पुराने परिचित थे।वही सेक्टर 5 में सतेंद्र भडाना जी,जो हमारे रिश्तेदार थे,भी रहते थे। सतेंद्र भडाना जी भी शाखा में आने लगे थे,इस कारण उनसे भी एक जीवंत सम्पर्क बन गया था।
एक अच्छा माहोल बन गया।मे दयानंद शाखा का नियमित स्वयं सेवक बन गया।तभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की धर्म जागरण मंच ईकाई के अंतर्गत चलने वाली मेरठ प्रांत की गुर्जर समाज साझी विरासत समिति के संयोजक का दायित्व प्राप्त हुआ। संगठन में पुरुषों के साथ कुछ गुर्जर महिलाओं को भी जोड़ने का निर्देश मिला। ध्यान इतना रखा जाना था कि जो भी संगठन से जुड़े वह समझदार हो।जब मेने आसपास नजर दोडाई तथा पूछताछ की तो बात सामने आई कि सेक्टर 5 में श्रीमती रीमा सिंह नाम की एक महिला रहती है।जो बातचीत करने मे होशियार व समझदार है,वो संगठन के लिए उपयोगी हो सकती है। फिर पता चला कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है जो एयर फोर्स में थे।उनकी एक बेटी है जो पढ लिखकर सर्विस करती है। सतेंद्र भडाना जी का निवास और रीमा सिंह का निवास आसपास था।मेने सतेंद्र भडाना जी से आग्रह किया कि वो रीमा सिंह जी से बात करें।मेरे आग्रह पर सतेंद्र भडाना जी ने कोई खास रूचि नहीं दिखाई,शायद मे संगठन की गम्भीरता समझाने में विफल रहा। फिर मेंने स्वयं प्रयास किया।रीमा सिंह जी के मकान में विपिन नाम का एक स्वय सेवक किराए पर रहता था।मे विपिन के पास पहुंच गया। मैंने विपिन से आग्रह किया कि वो रीमा सिंह जी से संगठन में शामिल होने का निवेदन हमारी ओर से करें। विपिन ने मुझसे कहा कि आप ही आग्रह कर लिजिए, में आपकी मुलाकात रीमा सिंह जी से कराये देता हूं।मेने विपिन के साथ जाकर रीमा सिंह जी से मुलाकात की। बात करने पर पता चला कि वो मेरी पत्नी की मृत्यु होने पर सतेंद्र भडाना जी के परिवार की महिलाओं के साथ हमारे घर गई थी।वो तो मुझे पहचानती थी, परंतु में उनको नही देख पाया था।रीमा सिंह जी ने मेरा निवेदन स्वीकार कर लिया।मेने रीमा सिंह जी को संघ की दृष्टि से बने सरधना जिला की सह संयोजिका नामित कर दिया।उस समय रीमा सिंह जी अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर रही थी,जो 2 फरवरी सन् 2025 की थी।वो अकेली महिला अपने कर्तव्य पथ पर मजबूती से बढ़ रही थी। उनके चेहरे पर चिंता व दबाव नही था बल्कि एक विजय भरी मुस्कान थी।मेरी जान पहचान बहुत नई थी, फिर भी मेरा मन चाह रहा था कि उनकी कुछ मदद करु।मेने फोन करके निवेदन भी किया। लेकिन उन्होंने मदद लेने से इंकार कर दिया। शायद रीमा सिंह के स्वाभिमान ने ऐसा निर्णय लेने के लिए विवश किया हो। परन्तु एक फरवरी सन् 2025 को जब रीमा सिंह जी की बेटी का लगन जाना था,तब 31 जनवरी को उनका मेरे पास फोन आया कि मुझे भी लगन देने के लिए साथ जाना है। मैंने जो सहयोग का आग्रह उनसे किया था,शायद इतना सहयोग करना ही मेरे हिस्से में आया था। में लगन सगाई दिलवाने के लिए चला गया तथा दो फरवरी को शादी में भी शामिल हुआ। सतेंद्र भडाना जी से रीमा सिंह जी के विषय में ओर जानकारी प्राप्त हुई। भड़ाना जी ने बताया कि रीमा सिंह जी मुजफ्फरनगर जिले के ढासरी गांव की बेटी है जो जानसठ कस्बे के पास है। ढासरी गांव में श्री खचेडू सिंह नाम के किसान थे,जिनके दिले सिंह नाम के एक पुत्र है जो मुजफ्फरनगर के खतोली ब्लाक के बुआडा नाम के गांव में श्रीमती गैंदी देवी के साथ विवाह संस्कार में बंधें थे।इन दिले सिंह जी के ही रीमा नाम की एक पुत्री ने 10-03-1975 को जन्म लिया,रीमा के कृष्ण पाल नाम के एक भाई भी है जो अध्यापक का कार्य करते हैं।रीमा जी की शादी 04-02-1995 को जिला मेरठ के दौराला ब्लाक  मे शाहपुर जदीद गांव के जितेंद्र सिंह से सम्पन्न हुई। जितेन्द्र सिंह एयरफोर्स में कार्यरत थें।  शादी के समय रीमा जी इंटर तक शिक्षित थी, शादी के बाद जितेन्द्र सिंह के सहयोग से रीमा जी ने जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से ग्रेजुएशन किया।समय बीत रहा था,रीमा सिंह जी अब एक पुत्री पूर्णिमा तथा एक पुत्र आशीष की माता भी बन गई थी। अचानक ही समय ने करवट बदली तथा जितेन्द्र सिंह व रीमा सिंह का इकलौता पुत्र आशीष 12 वर्ष की अवस्था में 23-08-2010 को इस नश्वर संसार को छोड़कर चला गया।कुदरत की मार यही पर ही नही रूकी,19-10-2016 को रीमा सिंह जी के पति जितेन्द्र सिंह भी स्वर्गवासी हो गये।अब  रीमा सिंह जी व उनकी पुत्री पूर्णिमा परिवार में थे। पूर्णिमा की पढ़ाई लिखाई व भविष्य के लिए सम्पत्ति की व्यवस्था अकेली रीमा सिंह जी के ही भरोसे थी।रीमा सिंह ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभायी।
 एक महिला के लिए पति और पुत्र का असमय चले जाना, दुनिया का सबसे बड़ा दुःख है।उस परिस्थिति में भी जिस प्रकार रीमा सिंह अपना कर्तव्य निभा रही थी,वह सामान्य कार्य नही था।भडाना जी से जानकारी मिली कि रीमा सिंह जी के ससुर ने अपने बेटे अर्थात रीमा सिंह जी के पति की मृत्यु के बाद उनके हिस्से की जमीन अपनी पुत्रवधू तथा पोती को न देकर अपने दूसरे पुत्र को दे दी। जो एक अन्याय ही था। कल्पना किजिए यदि रीमा सिंह जी को अपने पति की पेंशन न मिलती तो जीवन कितना कष्ट भरा हो सकता था। शायद सुशांत सिटी मे बना मकान रीमा सिंह जी के पति ने रीमा सिंह जी के नाम ही करा दिया होगा या उनके पति के नाम होगा। वर्ना वह भी उनको ना मिलता।यह कैसे खून के रिश्ते है जो अपनों को ही समाप्त करने पर तुले हैं। बेटी की शादी के बाद मुझे ऐसी जरूरत महसूस हुई कि मैं श्रीमती रीमा सिंह जी की साहसी जीवन यात्रा के विषय में लिखू।इस क्रम में मैंने रीमा सिंह जी को एक पत्र लिखकर वाट्स एप के माध्यम से भेजा जो निम्न है -
श्रीमती रीमा सिंह जी 
सादर प्रणाम 
आपने अपनी बिटिया की शादी का निमंत्रण मुझे देकर शादी में सहभागी बनाने की कृपा की, इसके लिए मेरी ओर से आपको बहुत बहुत धन्यवाद।
जिस समय बेटी की शादी का निमंत्रण प्राप्त हुआ।उसी समय में घर में बैठकर प्रयाग/इलाहाबाद मे चल रहें कुम्भ में सनातन धर्म की ओर से जो प्रस्ताव सनातन धर्म में सुधार के लिए धर्माचार्य ने किये है,उनको पढ़ रहा था।उन सुधारों में एक सुधार यह भी था कि शादी दिन में होनी चाहिए। हमारे समाज में शादी दिन में होती है, मैंने भी उनमे भागीदारी की है। परंतु शहर के अंदर अच्छे बारात घर में नही की जाती। परन्तु जब आपकी बेटी की शादी का निमंत्रण पढ़ा तो शादी दिन में थी।मन में बडी प्रसन्नता हुई,कि आप संगठन के रूप में गुर्जर समाज के जिस संगठन से जुड़ी हुई है वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिस्सा है तथा प्रयाग में जो सुधार धर्म संसद में पारित किए गए हैं, उनके पीछे संघ की बडी भूमिका है। कहने का अर्थ यह है कि जाने -अनजाने में जो दिन में शादी करने का निर्णय आपने लिया है। उससे आपके द्वारा धर्म संसद में पारित प्रस्ताव को बल मिला है।इस कार्य के लिए में आपका संगठन का मेरठ प्रांत का मुखिया होने के नाते बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
रीमा जी आप एक बहादुर महिला है। अनेक कष्ट मन में छुपाकर आप हमेशा मुस्कुराते हुए ही मिली है। संसार में मनुष्य के लिए दो कष्ट सबसे बडे बतायें गये है।इन दो मे सबसे बड़ा कष्ट माता-पिता के सामने संतान की मृत्यु हो जाने का है। इसमें भी माता का कष्ट, पिता के कष्ट से अधिक होता है। क्योंकि माता अपनी संतान को नो महिनें गर्भ में रखती है? पति -पत्नी के बाद यदि कोई सबसे अधिक जुडाव का सम्बन्ध किसी का होता है तो वो माता का है।दूसरा बड़ा कष्ट यदि संसार में है ।तो वह जीवन साथी के बिछुड जाने का होता है। इसमें भी महिला को सबसे अधिक कष्ट होता है। क्योंकि मर्द तो पूरा दिन बाहर घूम कर अपना ध्यान बाट लेता है। लेकिन भारतीय समाज में महिला के लिए ऐसा सम्भव नहीं है। मैं खुद इस दूसरे दुःख से रुबरु हो चुका हूं।
जब मुझे सतेंद्र भडाना जी ने आपके विषय में बताया,तब में अपने जिस दुःख से परेशान था।उसको कम करने की प्रेरणा आप से मिली।बरबस ही एक कवि की दो लाईने याद आ गई। जिसमें लिखा है -
दुनिया मे कितना गम है, उसमें मेरा गम कितना कम है।
परंतु आप इन दोनों दुःख की भुक्तभोगी है।इस के बावजूद भी जिस निडरता से आप जीवन जी रही है। उसके लिए आपको बारम्बार साधुवाद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वो आपका मनोबल ऐसे ही बरकरार रखें। हमें अपने और अपनों के जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। सकारात्मक रहना चाहिए।
हम संसार का हिस्सा है या संसार में हमारा हिस्सा है ।इन दोनों विचार मे जीवन की धारा चलती है।जब हम इस विचार से जीवन जीते हैं कि हम संसार का हिस्सा है तब हम कभी भी अपने को अकेला महसूस नही करते। स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद, सुभाष चन्द्र बोस,भगत सिंह जैसे लोग इसी विचार पर चलकर ऐसा कार्य कर गये कि मृत्यु हो जाने के बाद भी ऐसा लगता है कि वो हमारे बीच में ही है।
लेकिन जो संसार में अपना हिस्सा मानकर जीते हैं वो ताउम्र अपने सुख के लिए सम्भावना ही तलाशते रहते हैं तथा अपने रक्त सम्बन्धी के बिछड़ने पर अवसाद/डिप्रेशन में चले जाते हैं।
 अच्छा बनना है या श्रेष्ठ/टाप बनना है ।इनमे श्रेष्ठ बनने के चक्कर में व्यक्ति न जाने क्या -क्या साजिश रचने लगता है? दुनिया में निंदा का पात्र बन जाता है। लेकिन यदि आदमी अपने जीवन में अच्छा/उत्तम बनने के लिए जीवन जीता है तो न जाने कितनी बार श्रेष्ठ बन जाता है तथा अपने से जुड़े लोगों को सुख पहुंचाने का कारण बनता है।
रीमा जी आप आयु में मुझसे छोटी है,उस नाते आपके प्रति मेरे हृदय में असीम आदर व सम्मान है।
तुलसी इस संसार में सबसे मिलिए भाय।
क्या मालूम किस भेष में नारायण मिल जाए?
यहां नारायण का अर्थ भगवान से है, अर्थात दुख दूर करने वाला ।
इन्हीं शब्दों के साथ आपके श्री चरणों में प्रणाम करते हुए अपनी बात समाप्त करता हूं और पुनः आपको अपने जीवन की बडी जिम्मेदारी (बेटी की शादी) को पूर्ण करने की बारम्बार शुभकामनाएं देता हूं।आने वाले समय में आप अपने कीमती समय में से कुछ समय आप उस संगठन के लिए भी देंगी, जिस संगठन में आपको हमारे द्वारा नामित किया गया है।ऐसा निवेदन आपसे करता हूं।
आपका सहयोगी/ शुभचिंतक/मित्र 
अशोक चौधरी 
 मेरठ प्रांत संयोजक।
सभी एहले दुनिया ये कहते हैं हमसे,आता नही कोई मुल्क ए अदम से।
अर्थात जब जीव दुनिया छोड देता है तो वापस नही आता।  वह अपने चाहने वालों की स्मृति में जरूर रहता है। इसलिए सनातन धर्म में वर्ष में 15 दिन श्राद्ध मनाने का चलन है, अपने प्रिय जन को स्मरण करने के लिए।
दूसरी ओर यह भी विद्वान कहते हैं कि मृतक की आत्मा हमारे आसपास ही घूमती है, अतः जब उससे प्यार करने वाला प्रसन्न रहता है तो वह आत्मा भी प्रसन्न होती हैं।जब दुखी होता है तो वह भी दुःखी होती है। जिस प्रकार यदि हमें अपने प्रियजन के बारे में पता चले कि वो कष्ट में है तो मन अपने आप ही दुःख मे डूब जाता है।
अतः हमें अपनों को स्मरण तो रखना चाहिए परन्तु दुख का प्रकटीकरण नही करना चाहिए।
अगर मर गया रूह आया करेगी,तुझे देखकर गीत गाया करेगी।
मुझे याद कर तुम ना आंसू बहाना,बस इतनी गुजारिश है सदा मुस्कुराना।
07-03-2025 को महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मेरठ के आईएमए भवन में धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में रीमा सिंह को मेरठ की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल आईएएस के द्वारा नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण मंच के द्वारा संचालित गुर्जर परियोजना के अंतर्गत रीमा सिंह जी मेरठ प्रांत की सह संयोजिका के पद पर शोभायमान होकर समाज को शक्तिशाली बनाने में अपना सकारात्मक योगदान दे रही है। जीवन यात्रा अभी चल रही है।














बुधवार, 15 जनवरी 2025

कार्यकर्ताओं के नाम

मेरठ में निवास करने वाले गुर्जर भाजपा कार्यकर्ताओं की सूची द्वारा अशोक चौधरी पूर्व महामंत्री भाजपा मेरठ महानगर,9837856146
1- श्री मनोज पोसवाल उपाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र 9412205498
2-श्री विनय प्रधान वरिष्ठ भाजपा नेता शास्त्रीनगर 9219555555
3- श्री अशोक चौधरी पूर्व महामंत्री भाजपा मेरठ महानगर 9837856146
4- श्री देवेन्द्र गूजर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य किसान मोर्चा 9927130831
5- श्री रविन्द्र गुर्जर जगदम्बा नर्सिंग होम 9927017152
6- श्री प्रताप सिंह बक्सर पूर्व अध्यक्ष किसान मोर्चा मेरठ महानगर 9758131247
7- श्री हर्ष पाल पूर्व अध्यक्ष किसान मोर्चा मेरठ महानगर 9719104963
8- डा ज्ञान चंद बंसला पूर्व मंडल अध्यक्ष परतापुर रिठानी 9927178223
9- श्री सुरेन्द्र भडाना पूर्व मंडल अध्यक्ष परतापुर काजीपुर 9412831056
10- श्री सुधीर गुर्जर रिठानी पूर्व मंत्री मेरठ महानगर 9927099636
11- श्री गुलबीर सिंह पार्षद गंगानगर 9756961111
12- श्री अमरीश चपराणा महामंत्री रिठानी मंडल 9359334433
13- श्री संजीव प्रधान पूर्व ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष मेरठ महानगर 9927014157
14- श्री गौरव गुर्जर भाजपा कार्यकर्ता शिवशक्ति विहार 9808151629
15- अनिल कुमार गुर्जर भाजपा कार्यकर्ता पठानपुरा वार्ड 38 ,9627092455
16- नोविल खारी किसान मोर्चा मेरठ महानगर गंगानगर 9720007257
17- सूक्ष्म प्रधान भाजपा कार्यकर्ता लखवाया 7351713595
18- चौ बेगराज सिंह किसान मोर्चा भाजपा शास्त्री नगर काजीपुर 9758661194
19- श्री शीशपाल सिंह ओबीसी मोर्चा काजीपुर 9058486563
20- श्री चंद्रपाल सिंह भाजपा शास्त्री नगर 9837479327
21- श्री प्रदीप एडवोकेट नवल विहार किसान मोर्चा 9412628117
22- श्री नरेश नागर खडोली 7055382926
23- श्री महीपाल सिंह पांडव नगर 9837605855
24- श्री ब्रह्मा पाल सिंह लखवाया 9837558088
25- श्री सुरेन्द्र सिंह गोहरा पुलिस एंक्लेव 8267000666
26- श्री नबाब सिंह भड़ाना पूर्व पार्षद पति 9358447660
27- श्री तरुण लखवाया ओबीसी मोर्चा 7500828095
28- श्री कैलाश नागर मंत्री फूलबाग मंडल 7599067727
29- श्री प्रवेश गुमी अध्यक्ष किसान मोर्चा मेरठ महानगर 9897527489
30- श्री श्री महीपाल चौधरी शेरगढी 9358431475
31- श्री शेर सिंह गोठडा 9457419931
32- श्री मनोज धामा मंगल पांडे नगर 6395390500
33- श्री सुनील भडाना, प्रधानाचार्य जीआईसी  इंटर कालेज मेरठ,9808151466
34- श्री रोबीन गुर्जर, मंत्री भाजपा जिला मेरठ पुलिस एंक्लेव,9897141511
35- श्री नरेश गुर्जर छीपी टेंक मेरठ,9897812453
36- श्री नरेश राणा पांडव नगर ,9837151971
37- श्री बलराज डूंगर, भाजपा नेता,9359906148
38- श्री सुशील गुर्जर पूर्व मेयर राष्ट्रीय महा सम्पर्क अभियान विभाग मेरठ,9412486088
39- श्री नरेश सिंह यादगार पुरम मेरठ भाजपा,7217277212
40- श्री नरेश राणा,पांडव नगर,9837151971
41-श्री आदित्य सिंह लिसाड़ी, विवेक विहार,9837350007
42- श्री कमलजीत भडाना किसान मोर्चा शास्त्री नगर,8923661438
43- श्री नबाब लखवाया किसान मोर्चा मेरठ महानगर,9412113171
45- श्री निखील चपराणा किसान मोर्चा मेरठ महानगर,9808624724
46- श्री सुशील भडाना ओबीसी मोर्चा शास्त्री नगर,9997395431
47-श्री रविन्द्र भडाना जी पूर्व विधायक, 9058000021
48- डा संदीप गगौल,9412473056
49- श्री गुड्डू, पंचायत सदस्य गगौल,7500000972
50-श्री कपिल मुखिया ब्लाक प्रमुख मेरठ ब्लाक, 9012999111
51- डा सोमेंद्र तोमर, विधायक मेरठ दक्षिण,+919897100201

मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024

गुर्जर समाज साझी विरासत मेरठ प्रांत परम्परा लेखन,लेखक नुरूद्दीन चौहान पुत्र मरहूम हकीमुद्दीन चौहान गांव जहानपुरा, ब्लाक कैराना, जिला शामली सेवा निवृत्त जिला इंचार्ज उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण विभाग (UPGRWS)व फैमिदा चौहान पत्नी नुरूद्दीन चौहान निवास गांव बाबूपुरा ब्लाक ननौता जिला सहारनपुर बटार गोत्र। वर्तमान पता -107/12 निकट आरटीओ कार्यालय, शास्त्री नगर मेरठ। मो 0-9997289652।

मै (नुरुद्दीन चौहान) गुर्जर जाति के चौहान गोत्र से,जिला शामली का मूल निवासी हूं। हमारे शामली जिला में हमारे गोत्र चौहान/कल्श्यान के 84 गांव है।जिसे क्षेत्र में कल्श्यान खाप की 84 कहकर भी पुकारा जाता है।इन 84 गांव में 42 गांव हिन्दू गुर्जर चौहान व 42 गांव मुस्लिम गुर्जर चौहान के है। दोनों हिन्दू व मुस्लिम गुर्जर के पूर्वज एक ही है ऐसा हम सभी का सदा से मानना रहा है। हमारे लोगों मै ऐसी मान्यता है कि हमारे 84 गांव की जागीर हमारे पूर्वजों को सम्राट पृथ्वीराज चौहान के छोटे भाई हरिराज चौहान उर्फ हर्रा चौहान ने दी है। परंतु जो इतिहास के विद्वान है उनका ऐसा मत है कि चौहानों के प्रथम सम्राट बिसल देव चौहान ने जब दिल्ली के तंवरो को हराकर उनको अपना सामंत बनाया,तब इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने के लिए सम्राट बिसल देव चौहान ने दिल्ली के पास भाटी गुर्जरों को 360 गांव तथा हमारे पूर्वज कलशा  जिनके नाम से हमे कल्श्यान भी कहा जाता है,को 84 गांव की जागीर प्रदान की थी।
कल्श्यान खाप के बारे में एक मान्यता क्षेत्र में और भी प्रचलित है कि सम्राट बिसलदेव से जागीर मिलने के बाद जब चौहान गुर्जर इस क्षेत्र में रहने लगे,तो कुछ वर्षों बाद बुड्ढन सिंह चौहान नाम के एक व्यक्ति जो चौहान खाप के पूर्वज थे,ने अपने नाम से बुढ़ाना स्थान पर बस कर रहने लगे थे।उनके पास के क्षेत्र में ही बडी संख्या में जाट जाति के लोग भी निवास करते थे।एक बार जाट जाति के जागीरदार का बेटा शादी करके अपनी दुल्हन को ले जा रहा था। कैराना के पास स्थित तीतर वाडा के तीतर खां पठान जागीरदार ने हमला कर दुल्हन की डोली को छीन लिया।उस युग में इस प्रकार की  घटना होती रहती थी।वह जाट जागीरदार बुड्ढन सिंह चौहान के पास मदद के लिए पहुंचा।इस परिस्थिति में बुड्ढन सिंह चौहान ने अपने 20 पुत्रो को उस जाट जागीरदार के साथ अपनी सैन्य शक्ति सहित तीतर खां पठान से दुल्हन को मुक्त कराने के लिए भेजा।इस संघर्ष में बुड्ढन सिंह चौहान के 17 पुत्र बलिदान हो गये। तीतर खां पठान को उसके साथियों सहित समाप्त कर दिया गया। दुल्हन को मुक्त करा लिया गया।जो जाट जागिरदार था,जिसकी वह दुल्हन थी,उसका नाम बलशा था,बुड्ढन सिंह चौहान के तीन पुत्र,जो इस संघर्ष के पश्चात बचें, उनमें सबसे बडे पुत्र का नाम कलशा था,बाकि दोनों का नाम दीपा व देवडा था।इस संघर्ष की प्रसिद्धि के कारण जाट जाति के जागीरदार बलशा के कारण जाटो को बलशा के नाम से बालियान कहा जाने लगा,आज बालियान खाप के 84 गांव उस क्षेत्र में है,कलशा के नाम से 84 गांव कल्श्यान खाप के है,दीपे/दापे व देवडे के नाम से भी कई गांव मे गुर्जर बसे हैं, जिनमें दीपे/दापे गूर्जरों का मुण्डलाना एक प्रसिद्ध गांव है। तीतर वाडा गांव में आज भी ल्कल्श्यान गोत्र के गुर्जर रहते हैं, कल्श्यान,दीपे,देवडे तीनों ही चौहान गोत्र के गुर्जर एक ही भाई माने जाते हैं तथा आपस बेटी की शादी नही करते। बालियान खाप व कल्श्यान खाप में भी तभी से बडा ही घनिष्ठ भाई चारा चला आ रहा है।जब भी कोई संकट समाज या क्षेत्र पर आया है, आवश्यकता पड़ने पर बालियान और कल्श्यान खाप एक दूसरे के साथ खडी रही है।
लेकिन एक मत इतिहासकारों का यह भी है। जो इस प्रकार है -
कल्शान गुर्जरों की कल्शान खाप के 84 गाँव गंगा जमुना के ऊपरी दोआब में हैं| कल्शान शब्द की कुशान के साथ स्वर की समानता हैं| कल्शान की कुषाणों की बैक्टरिया स्थित राजधानी खल्चयान से भी स्वर की समानता हैं| सभवतः कल्शान खाप का समबंध कुषाण परिसंघ से हैं|

देवड़ा/दीवड़ा: गुर्जरों की इस खाप के गाँव गंगा जमुना के ऊपरी दोआब के मुज़फ्फरनगर क्षेत्र में हैं| कैम्पबेल ने भीनमाल नामक अपने लेख में देवड़ा को कुषाण सम्राट कनिष्क की देवपुत्र उपाधि से जोड़ा हैं|

दीपे/दापा: गुर्जरों की इस खाप की आबादी कल्शान और देवड़ा खाप के साथ ही मिलती हैं तथा तीनो खाप अपने को एक ही मानती हैं| शादी-ब्याह में खाप के बाहर करने के नियम का पालन करते वक्त तीनो आपस में विवाह भी नहीं करते हैं और आपस में भाई माने जाते हैं| संभवतः अन्य दोनों की तरह इनका सम्बन्ध भी कुषाण परिसंघ से हैं|
माता शाकुम्भरी,जो चौहानों की कुलदेवी है,उनकी एक सिद्ध पीठ भी सहारनपुर में सम्राट बिसल देव चौहान ने ही स्थापित की थी,ऐसी हमारे यहां मान्यता है।
मोहम्मद गौरी के दिल्ली पर अधिकार होने के बाद हमारा क्षेत्र भी सल्तनत काल का एक हिस्सा बन गया था। मोहम्मद गौरी के साथ सूफी भी थे।जो क्षेत्र में खानकाह/मठ बनाकर रहने लगे थे।समय गुजरता गया,जिस समय अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली की गद्दी पर बैठा, उस समय  चौहान सरदार दो सगे भाई थे। इनमें से एक का नाम झुंझुन बद्री प्रसाद उत्तमदत राणा था वह जहां बसा उस स्थान का नाम आज झींझाना (शामली जिले में झींझाना ब्लाक) है, दूसरा जो इनका चचेरा भाई था जिसका नाम कर्णपाल उत्तमदत राणा था, वह कैराना में बस गया था।
दसवी शताब्दी के खजराहो अभिलेख में कन्नौज के गुर्जर प्रतिहार शासक के लिए गुर्जराणा उपाधि का प्रयोग किया गया हैं। इसलिए राणा उपाधि का प्रयोग यहां दिखाई देता है।
 एक बार खिलजी की सेना यमुना के किनारे कैराना के पास से होकर जा रही थी, खिलजी के सेनापति ने कैराना के राजा से सेना के लिए रसद की मांग की, जिसे राजा पूरी नहीं कर सका। उस सेनापति ने कैराना के राजा की शिकायत अलाउद्दीन खिलजी से की। खिलजी क्रोधित हो गया, खिलजी ने काजी अमीनुददीन के नेतृत्व में एक शक्तिशाली सेना कैराना के राजा पर हमले के लिए भेज दी। इस हमले का कैराना के चौहानो ने बड़ी बहादुरी से सामना किया, कैराना का राजा युद्ध के मैदान में लडता हुआ शहीद हो गया। काजी अमीनुददीन ने कैराना राज्य का दिल्ली के राज्य में विलय कर दिया। 
कुछ समय अंतराल के बाद कैराना राजपरिवार के सम्पर्क में एक सूफी आया, जिसका नाम सूफी शाह अब्दुल रज्जाक था जो झींझाना में खानकाह /मठ बनाकर रहता था, क्योंकि झींझाना राजपरिवार व कैराना राजपरिवार कभी एक ही बाप की संतान थे, अतः सूफी से सम्पर्क कराने में झींझाना वालों की भूमिका भी रही होगी। इस सूफी ने कैराना के राजपरिवार के लोगों को मुस्लिम बनने की सलाह दी, ऐसा विश्वास दिलाया कि मुसलमान बनने पर ही उनका आदर व उनकी सम्पत्ति सुरक्षित रह सकती है। इन्हीं सूफी की सलाह मान कर राजपरिवार के दो भाईयों में से एक भाई ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया, सूफी ने इस्लाम धर्म स्वीकार करने वाले राजकुमार का नाम "हसन "रखा। उस राजकुमार के साथ 84 में से 42 गांव भी इस्लाम धर्म में चले गए। इस तरह से कैराना में मुस्लिम गूजर जाति अस्तित्व में आ गई।
इस विदेशी तुर्की शासनकाल में जो हिन्दू अपना धर्म त्याग कर मुसलमान बन गए, विजेता मुसलमानों ने उन्हें कोई खास तरजीह नहीं दी, भारतीय मुसलमानों को सत्ता में बडे पदों से सदा दूर रखा, उन्हें शक था यदि भारतीय मुसलमानों को शक्ति दे दी गई तो ये अपने हिन्दू भाईयों के साथ मिलकर उनके सामने चुनौती पेश कर सकते हैं। सम्पूर्ण तथाकथित गुलाम युग में इमादुल -मुल्क -रावत को छोड़कर किसी भी भारतीय मुसलमान को उच्च पद पर नियुक्त नहीं किया गया और इमाद भी इसलिए उच्च पद पर पहुंच सका कि उसने अपने माता-पिता का नाम छिपा रखा था और विदेशी मुसलमानों की संतान होने का भ्रम बना दिया था, जब यह खबर तत्कालीन बादशाह बलबन तक पहुंची तो बलबन ने उसके वंश का पता लगाने के लिए जांच करवाई और जब बादशाह को यह मालूम हो गया कि उसके माता-पिता भारतीय थे तो उसके प्रति सुल्तान का व्यवहार रूखा हो गया। एक बार बलबन ने अपने दरबारियों को बहुत बुरा-भला कहा, क्योंकि उन्होंने अमरोहा जिले हेतु लिपिक के पद पर एक भारतीय मुसलमान को चुन लिया था।
कैराना के मुस्लिम बने हिन्दू भी विदेशी मुस्लिम शासन की इसी भावना के शिकार रहे, दिल्ली के दरबार में उन्हें कोई पद प्राप्त नहीं हुआ, परन्तु स्थानीय स्तर पर वो इस्लामिक शासन में हिन्दुओं के किये जा रहे अनावश्यक शोषण से बचे रहे, अपने मुसलमान बने भाईयों की आड़ में हिन्दू राजकुमार के समर्थक हिन्दू चौहान गूजर भी बेवजह की बहुत सी मुसीबतों से बचे रहे।
आगे चलकर ग्यासुद्दीन तुगलक के समय में राज्य के किसानों के लिए तुगलक ने पहली बार किसान निती शासन की ओर से बनाई।जिसके अन्तर्गत मुस्लिम किसान जागीरदार से 15% तथा हिन्दू जागीरदार किसान से 50% फसल का लगान निर्धारित किया गया।इस कारण भी दबाव बना।
थोडा सा ओर आगे चलकर फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में सिंचाई के लिए कुछ नहरें खुदवाई गई। फिरोज शाह तुगलक ने दोबारा किसान निती को निर्धारित किया।जो किसान नहर के पानी से से खेतों की सिंचाई करतें थे।उन किसानों पर 10% लगान और बढा दिया गया। मुस्लिम किसान पर लगान 15 के स्थान पर उन पर 25% तथा हिन्दू किसान पर 60% लगान राशि लेना निर्धारित किया गया।
केराना के राजकुमार 
राणा वीर साल (इस्लाम कबूल कर लिया) इनका नाम 
 राय दीन हसन 
 चाँद दीन हसन 
 राणा नेमत अली हसन 
 राणा जीवन अली हसन 
मुग़ल बादशाह अकबर के समय भी कल्शान खाप प्रभावशाली रूप से अस्तित्व में थी| 1578 ई. में अकबर ने दिल्ली सूबे की पांच खाप जिनमे बालियान जाट खाप, कल्शान गूजर खाप, सलकलेन जाट खाप, दहिया जाट खाप तथा गठवाला जाट खाप सम्मिलित थी, के लिए एक फरमान ज़ारी कर उन्हें धार्मिक मामलो और आतंरिक प्रशासनिक मामलो में स्वतंत्रता प्रदान की थी| आज भी कल्शान खाप के चौहान गुर्जर बालियान और सलकलेन जाटो से विशेष भाईचारा मानते हैं| अबुल फज़ल द्वारा लिखित आईन-ए-अकबरी पुस्तक के अनुसार दिल्ली सूबे की सहारनपुर सरकार में कैराना महल के जमींदार गूजर जाति के थे| इसके अतिरिक्त कांधला जोकि दिल्ली सरकार के अंतर्गत था, वहाँ के जमींदार भी गूजर जाति के थे| इस प्रकार हम देखते हैं कि अकबर के शासनकाल में कल्शान चौरासी के क्षेत्र कैराना-कांधला में गूजर जमींदार थे|
 राणा गुलाब अली हसन (सन् 1857 में)
नादिर अली हसन उर्फ़ न्यादरा
रहमत अली हसन  आदि रहें हैं। कुछ नाम हम भी भूल गए हैं।
अंदर से सूफियों के समझाने पर ऐसा भी हुआ बताया जाता है कि जो हिन्दू जागीरदार थे, उन्होंने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया,ताकि उन जागीरदारों के बाकि भाई बिरादर जो जागीरदार के काश्तकार होते थे, बढ़े लगान की मार से बच सकें। अतः मुस्लिम गुर्जरों में बहुत कम आबादी में पंवार,बटार, भड़ाना, कटारिया आदि गोत्र के गुर्जर मुस्लिम बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा जिले में पाये जाते हैं।
कैराना में आज भी कल्शान चौपाल हैं, जहाँ खाप की आवश्यक बैठक होती हैं| वर्तमान कैराना निवासी चौधरी रामपाल सिंह कल्शान चौरासी खाप के मुखिया हैं| आप पूर्व सांसद चौधरी हुकुम सिंह के भतीजे हैं।
मुजफ्फरनगर जिले के खतौली ब्लाक में तिसंग नाम का गांव है, जिसमें पताहा गोत्र के मुस्लिम गुर्जर आबाद है।ये गुर्जर अपने आप को खतौली ब्लाक के पताहा गोत्र के हिंदू गुर्जर बाहुल्य गांव अंतवाडा से अपना निकाल मानते हैं। तिसंग गांव के इरशाद नेता जी (मो-9358810122),असजद गुर्जर (मो-9927414272), खालिद गुर्जर (मो -9760602960)जो पताहा गोत्र के है।उनसे इस विषय मैं मेरी व अशोक चौधरी जी की वार्ता हुई है। अशोक चौधरी भी खतौली ब्लाक के अंतर्गत भटौडा गांव के मूल निवासी हैं तथा पताहा गोत्र के है।जो काफी समय से मेरठ में निवास करते हैं।
क्षेत्र में ऐसी मान्यता है कि अंतवाडा गांव बहुत पहले इनके पूर्वज अंतराम के नाम पर बसा हुआ है। अंतवाडा गांव के रहने वाले एक सेवा निवृत्त अधिकारी श्री रमेश चंद्र गुर्जर(मो -9999391993),जो इस समय मेरठ में गंगा नगर कालोनी में रहते हैं,का यह कहना है कि उनके पूर्वज श्री अंतराम जी किसी समय कन्नौज में निवास करते थे।बाहरी हमलो का दबाव पड़ने के कारण वो काली नदी के खादर से नदी के किनारे चलते हुए यहां आकर बसे हैं।काली नदी अंतवाडा गांव से ही निकलती है तथा कन्नौज को होते हुए आगे चलकर गंगा नदी में मिल जाती है। रमेश चंद्र गुर्जर जी का यह मानना है कि उनके पूर्वज चौधरी अंतराम पताहा जी कन्नौज की गुर्जर प्रतिहार डायनेस्टी से सम्बंधित है।यह प्रतिहार शब्द ही देसी भाषा में पताहा हो गया है।प से र व हा के बाद का र देसी उच्चारण मे गायब हो गया है।
दिनांक 30-01-2025 को गुर्जर समाज साझी विरासत समिति की एक बैठक मुजफ्फरनगर जिले के खतौली ब्लाक के तिसंग गांव में मुजफ्फरनगर जिले के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री इदरीश गुर्जर के निवास स्थान पर सांय 4 बजे प्रारंभ हुई।बैठक में समिति के प्रांत संयोजक अशोक चौधरी,मेरठ महानगर पश्चिमी जिला के संयोजक सतेंद्र भडाना, मुजफ्फरनगर जिले के संयोजक अंतवाडा गांव के निवासी सेवानिवृत्त एसपी श्री रमेश चंद्र गुर्जर जी, समाज के लिए अपना पूरा समय देने वाले श्री रमेश खटाना जी तथा तिसंग गांव के पूर्व प्रधान खलील गुर्जर,असजद गुर्जर, खालिद गुर्जर, फरमान गुर्जर, इस्लाम गुर्जर, मनव्वर गुर्जर, सद्दाम गुर्जर,आशु गुर्जर व कय्यूम गुर्जर उपस्थित रहें। तिसंग गांव में कलस्यान/चौहान, चाहड़,पताया, डेढ़ा गोत्र के गुर्जर निवास करते हैं।सभी साथियों ने बड़े सोहार्द पूर्ण वातावरण में आपसी समन्वय को सही तरह स्थापित करने के लिए किये जा रहें प्रयास को सफल बनाने मे सकारात्मक सहयोग देने का वादा किया।
तिसंग गांव के श्री इदरीश गुर्जर ने बताया कि उनका कोई बुजुर्ग सेना में था, छुट्टी मिलने पर अपने गांव जाते समय रास्ते में देर हो गई। अधिक रात हो जाने के कारण तिसंग गांव के एक मुस्लिम यही ठहर गया।जब अगले दिन अपने गांव अंतवाडा मे अपने घर गया तो उसने अपने रात ठहरने की बात परिवार में बताई।तब परिवार के लोगों ने उससे कहा कि अब तुम मुस्लिम हो गये हो, अतः वह वापस तिसंग गांव में आकर रहने लगा।उसी का परिवार आज तिसंग में है।
संगठनात्मक रूप से मेरठ विभाग के पांचों जिलों की बैठकें हो चुकी है, गुर्जर समाज साझी विरासत के नाम से पांचो जिलों के वाट्स एप पर ग्रुप बन गये है।जिनमे सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है।
बैठको का विवरण निम्न प्रकार है -
मेरठ प्रांत के मेरठ विभाग के मवाना जिला की बैठक 01-09-24 को मवाना में सुभाष गुर्जर के निवास स्थान हुई,इस बैठक में मेरठ प्रांत के गुर्जर समाज साझी विरासत के संयोजक अशोक चौधरी,मेरठ विभाग के संयोजक ब्रह्म पाल सिंह लखवाया तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
 जिला मेरठ महानगर पश्चिम की बैठक 02-09-24 को सुशांत सिटी सेक्टर 5 सनातन धर्म मंदिर में सम्पन्न हुई।इस बैठक में मेरठ प्रांत में चल रही सभी जातियों की साझी विरासत के संयोजक योगेन्द्र त्यागी जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
पूर्वी मेरठ महानगर -
5 सितंबर सांय 5 बजे गुर्जर समाज साझी विरासत मेरठ प्रांत के मेरठ विभाग के पूर्वी मेरठ महानगर जिला की एक बैठक प्रांत कार्यालय गढ़ रोड 67 भूतल अपेक्स पर आयोजित की गई। बैठक में पूर्वी मेरठ महानगर के संयोजक गुलबीर सिंह जी के साथ सरदार मेम्बर सिंह, सरदार शो सिंह,अनुज भड़ाना,सूरेंद सिंह गोहरा, जितेंद्र सिंह भड़ाना, नरेंद्र भड़ाना, प्रवेश भड़ाना आदि सदस्य उपस्थित रहें। बैठक को प्रांत संयोजक योगेन्द्र त्यागी, गुर्जर समाज साझी विरासत के प्रांत संयोजक अशोक चौधरी,मेरठ विभाग संयोजक ब्रह्म पाल सिंह लखवाया जी ने सम्बोधित किया।बैठक में गुर्जर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने की योजना पर विचार विमर्श हुआ।
मवाना जिला के बस्तौरा गांव में बैठक -
मेरठ जिले के हस्तिनापुर ब्लाक के बस्तोरा गांव में प्रधान खलील कटारिया जी के निवास स्थान पर गुर्जर समाज साझी विरासत समिति के तत्वावधान में आज तीन बजे एक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में समाज साझी विरासत के प्रांत संयोजक योगेन्द्र त्यागी, गुर्जर समाज साझी विरासत मेरठ प्रांत के संयोजक अशोक चौधरी, विभाग संयोजक ब्रह्म पाल सिंह लखवाया, पश्चिम मेरठ महानगर के संयोजक सतेंद्र भडाना, मवाना जिला संयोजक ऋषिपाल सिंह कंसाना,प्रांत सह संयोजिका मुकेश रानी एडवोकेट,रूपा जैन, चौधरी जयवीर सिंह ,डा हरेंद्रसिंह तथा क्षेत्रीय संघ चालक माननीय श्री सूर्य प्रकाश टोंक जी चर्चा में सहभागी रहें।
गाजियाबाद जिला के मोदीनगर में बैठक -
आज दिनांक 26-09-24 शाम 7 बजे गाजियाबाद जिला की गुर्जर समाज साझी विरासत समिति की एक बैठक मोदी नगर में सम्पन्न हुई, बैठक में मेरठ प्रांत संयोजक अशोक चौधरी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार पर चर्चा की। बैठक में रजापुर ब्लाक के संयोजक जयकरण सिंह दौसा, मोदीनगर नगर पालिका संयोजक धर्मवीर सिंह सीकरी, गाजियाबाद विभाग के संयोजक श्री तेजपाल सिंह पोसवाल उपस्थित रहें।
जिला हापुड़ की बैठक -
गुर्जर समाज साझी विरासत जिला हापुड़ समिति की एक बैठक आज 27-09-24 को कुचेसर चौपला पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हापुड़ के जिला संयोजक राजबल सिंह ने की। बैठक में मेरठ प्रांत संयोजक अशोक चौधरी ने आने वाले समय में गुर्जर समाज साझी विरासत समिति को क्या करना है? इसका एक रोड मेप उपस्थित कार्यकर्ताओं के सम्मुख रखा तथा सिम्भावली ब्लाक के हिम्मत पुर गांव में रह रहे गुर्जर समाज के मुस्लिम बंधुओं को भी साथ मे लेकर चलने की योजना बनाने का आग्रह किया। बैठक में मेरठ के विभाग संयोजक ब्रह्म पाल सिंह लखवाया व मेरठ महानगर पश्चिम के संयोजक सतेंद्र भडाना ने भी अपने विचार रखें। बैठक में सह संयोजक प्रिस मावी,सह संयोजक कुलदीप सिंह गांव आलम नगर तथा गढ़ ब्लाक के संयोजक ओ पी भाटी गांव लडपुरा, सिम्भावली ब्लाक के संयोजक श्री प्रशांत गुर्जर गांव हिम्मत पुर,नवीश गुर्जर, परविंदर मावी, सतेंद्र प्रधान गांव पीर नगर,डा पुष्पेन्द्र, मोहित गुर्जर, पुष्पेन्द्र हूण गांव मुक्तेशरा, विरेन्द्र भाटी गांव देवली, सुधीर विधूड़ी गांव हिरन पुरा, बिजेंद्र नागर गांव सरीख पुर, अमित कुमार गांव नवादा खुर्द, प्रदीप मुखिया गांव गोहरा, मांगेराम गांव हैदरपुर, सुमीत गुर्जर गांव छतनौरा उपस्थित रहें।
मवाना जिला के गांव सारंगपुर मे बैठक+
आज दिनांक 09-10-2024 को सांय काल 3 बजें गुर्जर समाज साझी विरासत जिला मवाना के अंतर्गत किला परिक्षत गढ़ ब्लाक के सारंगपुर गांव में एक बैठक हिंदू गुर्जर व मुस्लिम गुर्जर की सम्पन्न हुई।बैठक की अध्यक्षता सारंगपुर गांव के प्रधान अकबर चौहान ने की, बैठक में समाज के वरिष्ठ समाजसेवी तथा विद्वान आदरणीय श्री सूर्य प्रकाश टोंक जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। बैठक में इतिहास के प्रोफेसर डा सुशील भाटी, मेरठ प्रांत के गुर्जर, राजपूत,जाट, त्यागी व ब्राह्मण समाज साझी विरासत के संयोजक श्री योगेन्द्र जी, गुर्जर समाज साझी विरासत के प्रांत संयोजक अशोक चौधरी,मेरठ विभाग के सह संयोजक बस्तौरा गांव के निवासी प्रधान खलील कटारिया, हापुड़ जिला के संयोजक श्री राजबल सिंह ने अपने विचार रखे।बैठक में चौधरी जयवीर सिंह वरिष्ठ समाजसेवी,मेरठ महानगर पश्चिम के संयोजक श्री सतेंद्र भडाना, किला ब्लाक के संयोजक श्री मनोज रावल, जिला मवाना के सह संयोजक श्री आरिफ गुर्जर,किला ब्लाक के सह संयोजक श्री मोमीन गुर्जर, गढ़ ब्लाक के संयोजक श्री ओ पी भाटी, ग्राम पूठी के श्री प्रिंस गुर्जर सहित सैकड़ों की संख्या में हिंदू व मुस्लिम गुर्जर उपस्थित रहें। बैठक का समापन श्री सखावत गुर्जर जी के गृह स्थान पर जलपान करने के पश्चात हुआ।
सरधना जिला की बैठक -
गुर्जर समाज साझी विरासत सरधना जिला की एक बैठक आज 20-10-2024 को दोपहर तीन बजे बागपत रोड पर स्थित एपेक्स सिटी कालोनी में स्थित सेवा भारती के कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सरधना के जिला संयोजक श्री ब्रज सिंह मोतला ने की। बैठक में मेरठ प्रांत के संयोजक अशोक चौधरी ने संगठन को सूचारू रूप से चलाने की एक रुपरेखा कार्यकताओं के सामने रखी, बैठक में मेरठ के विभाग संयोजक ब्रह्म पाल सिंह लखवाया,मेरठ महानगर पश्चिम के संयोजक सतेंद्र भडाना तथा सरधना के सह संयोजक नरेंद्र सिंह घाट,जानी ब्लाक के संयोजक अजय बीर सिंह बंसला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में रकम सिंह पांचली, विकास चपराणा व विनोद चपराना पावटी, अभिषेक प्रधान नंगला जमालपुर, तिलक राम सिंह पांचली तथा सुशील चपराना पावटी मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
वर्तमान में भी चली आ रही एक जैसी परम्पराएं 
गुर्जर विरासत के नाम से मेरठ प्रांत का एक पेज भी बना लिया गया है,जिसके संचालन की जिम्मेदारी सुशांत सिटी निवासी अभिषेक प्रधान पर है।इस पेज पर अब तक की सभी गतिविधियां डाल दी गई है।

ममता भाटी जी 8595612643 नोएडा जो कि एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, का भी मेरठ में 12-10-24 की शाम को आना हुआ , श्रीमती फैमिदा चौहान से ममता भाटी जी की परम्पराओं के बारे में बातचीत हुई तथा अशोक चौधरी की नुरुद्दीन चौहान जी से परम्म्मपराओं को लेकर वार्तालाप हुआ।जो निम्न है -
1- क्या आपके परिवार में अपने किसी पूर्वज के चित्र लगाने की परम्परा हैं ?
उत्तर - नहीं 
2- मजार को मानते है क्या?
उत्तर - नहीं 
3- आपके पूर्वजों ने इस्लाम धर्म कब अपनाया।
उत्तर - सन् 1300
4- क्या आपके परिवार में से आपके गोत्र के कोई हिन्दू है,तो कौन?
उत्तर - मेरे गोत्र बटार से तथा मेरे पति के चौहान गोत्र से भी गांव के गांव हिन्दू है 
5- क्या आपके परिवार में महिलाएं सिंदूर लगाती है?
उत्तर - नही 
6- क्या आपके परिवार में साड़ी बांधी जाती है?
उत्तर - हा, परन्तु ज्यादा तर हिन्दू व मुस्लिम महिलाएं सूट - सलवार पहनती हैं।
7- क्या आपकी महिलाएं बुर्का पहनती हैं?
उत्तर - कभी कभी पहनती हैं।
8- क्या आपका भोजन शाकाहारी हैं?
उत्तर - हा 
9- क्या शादी में फेरो की रस्म होती है?
उत्तर - नही 
10- क्या शादी में वरमाला की रस्म होती है?
उत्तर - नही 
11- क्या आपके खानदान के हिंदू मान (दामाद) का मान - सम्मान करते हैं? उसे उपहार भेंट देते हैं।
उत्तर - हां 
12- क्या निकाह में हल्दी का प्रयोग होता है?
उत्तर - हां 
13- क्या निकाह में भात लिया जाता है?
उत्तर - हां 
14- यदि भात लिया जाता है तो गीत की चार पंक्तियां।
उत्तर - काफी समय से गीत गाना बंद है।
15- क्या निकाह के बाद दामाद को पहली बार बुलाने के लिए पांव फेरी होती है?
उत्तर - हां 
16- क्या नाम में जाति का टाईटल लगता है? जैसे अमीर,जाट, गुर्जर आदि।
उत्तर - हां 
17- बच्चे के जन्म के समय कौन कौन सी रस्म होती है।
उत्तर - छठी की रस्म होती है।
18- क्या पूर्वजों की स्मृति में कोई कार्यक्रम होता है?
उत्तर - कुरान शरीफ पढी जाती है।
19- क्या आपको अपने पूर्वजों के मूल नाम की जानकारी है?
उत्तर - हां 
20- शादी में किस -किस गोत्र को बचा कर शादी की जाति है।
उत्तर - पिता के गोत्र को बचाकर।
21- क्या आप मानते हैं कि धर्म बदलता है, ख़ून का रिश्ता नहीं?
उत्तर - हां 
22- क्या निम्नलिखित बातें आपके परिवार में मानी जाती है?
दिशाशूल, ग्रह, ग्राम देवता,शुभ -अशुभ का विचार,जादू टोना आदि।
उत्तर - नही 
23- क्या सुहाग की निशानी बिंदी, मांग, मंगलसूत्र,बिछूआ,कलावा में से कोई प्रयोग होता है।
उत्तर - बिछूआ,पायजेब पहना जाता है।
24- क्या मकान बनाते समय वास्तू का ध्यान रखते है? 
उत्तर - लडकी को भेंट देने का रिवाज है।
25- क्या मकान के दरवाजे पर सुपारी बांधी जाती है?
उत्तर - नहीं 
26- क्या नए मकान में देहली पूजन होता है?
उत्तर -कुरान खानी के नाम से होता है।
27- क्या शादी में लहंगा चुनरी पहनने की परम्परा है?
उत्तर - हां 
28- क्या शादी में गोने की रस्म होती है?
उत्तर - हां 
29- क्या कंगना खेला जाता है?
उत्तर - नहीं 
30- क्या विदाई दी जाती है?
उत्तर - हां 
31- क्या किसी कार्य में मूहर्त देखी जाती है?
उत्तर - देखी जाती है और नही भी। समाज में कोई एक नियम पूरी तरह से नही है।
32- क्या बच्चे की छठी मनाई जाती है?
उत्तर - हां 
33- क्या बच्चे का मुंडन होता है?
उत्तर - हाऊ
34- क्या बच्चे का पहला आहार मामा या बुआ के हाथ से खिलाया जाता है?
उत्तर - नहीं 
35- क्या त्यौहार पर दीपक जलता है?
उत्तर - नही 
36- क्या होली दीवाली पर कोई रस्म करते हैं?
उत्तर - नही 
37- मुंडेरी पर कौआ का विचार माना जाता है।
उत्तर - नही 
38- क्या खेत बोते समय कोई शगुन करते हैं?
उत्तर - हा,ध्याने/बेटी की संतान को धन देने का रिवाज है।
39- शुभ -अशुभ का विचार जैसे -
(क) सुबह गाय का दिखना 
उत्तर - नही 
(ख) नीलकंठ का दिखना 
उत्तर - नहीं 
(ग) तारों का दिखाई देना 
उत्तर - नहीं 
40- क्या अशुभ का विचार जैसे -
(क) बिल्ली का रोना 
(ख) कुत्ते का रोना 
आदि को कुछ माना जाता है।
उत्तर - हां,बुरा माना जाता है।
41- क्या विधवा महिलाओं में सफेद कपडा पहनने की परम्परा है?
उत्तर - पहले थी,अब नही है।
मुस्लिम बने चौहान गुर्जर तथा अन्य गोत्र के मुस्लिम गुर्जर अपना अरबी करण आज तक नही कर सके।वो आज भी भारतीय मुस्लिम ही है,आज हमारी लगभग 28 वी या 29 वी पीढ़ी है।आज भी हम गुर्जर मुस्लिम और हिन्दू गुर्जर अपने बच्चों की शादी बच्चे के पिता का गोत्र बचाकर ही करते हैं।मेरी स्वयं की पत्नी बटार गोत्र की है, जबकि मै चौहान गोत्र का हूं।जब गोत्र बचा हुआ है तो शादी में भात और अन्य रिति-रिवाज भी मौजूद हैं। शादी में फेरे नही पडते निकाह होता है।इबादत का तरिका बदल गया है, बाकि सब एक जैसा ही है।
समय चक्र चलता रहा, तुर्को के बाद, मुगल व अंग्रेजी शासन आया, 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया, देश में लोकतंत्र से मतदान द्वारा शासन चलाने की पद्धति प्रारंभ हो गई।
कैराना के चौहान गूजरों ने भारत की शासन पद्धति के माध्यम से प्रदेश व देश की सरकार में अपनी भागीदारी व सेवा अपनी योग्यता व क्षमता के अनुसार प्रदान की। चौधरी नारायण सिंह जी उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री पद पर रहे, नारायण सिंह जी के सुपुत्र संजय चौहान विधायक व सांसद रहे। बाबू हुकुम सिंह जी उत्तर प्रदेश के प्रभाव शाली नेताओं में रहे, वे विधायक, सांसद रहे तथा प्रदेश सरकार में विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री रहे, चौधरी अजब सिंह जी विधायक रहे, उनके भतीजे चौधरी विरेंद्र सिंह जी कांधला से कई बार विधायक रहे, प्रदेश सरकार में मंत्री रहे, चौधरी यशवीर सिंह जी खादी बोर्ड के चेयरमैन रहे।
मुस्लिम गूजरों में हसन परिवार से स्वर्गीय अख्तर हसन सन् 1984 में सांसद रहे, अख्तर हसन जी के बाद उनके पुत्र मुनव्वर हसन सांसद, विधायक व विधान परिषद् सदस्य व राज्य सभा सदस्य रहे। मुनव्वर हसन का नाम ग्रनिज बुक में इसलिए दर्ज है कि वो सबसे कम उम्र में सभी सदन के सदस्य रहे। उनके बेटे नाहीद हसन इस समय कैराना से विधायक है, उनकी पत्नी श्रीमती तबस्सुम भी कैराना लोकसभा से सांसद रह चुकी हैं। वर्तमान में स्व मुनव्वर हसन की पुत्री इकरा हसन तथा चौधरी नारायण सिंह के पोत्र चंदन सिंह चौहान सांसद बनकर इस समाज की शोभा बढ़ा रही है।
आज में मेरठ में सपरिवार निवास करता हूं,मेरे घर के पास ही हयात नर्सिंग होम है। जिसमें अमरोहा जनपद के हसनपुर तहसील के धींवरखेडी गांव के डा रशीद भड़ाना मैनेजर का दायित्व निर्वहन कर रहे हैं।डा रशीद की मेरठ जिले के किला परिक्षत गढ़ ब्लाक के सारंगपुर गांव में चाहड़ गोत्र के आरिफ गुर्जर के यहा ससुराल है। सारंगपुर गांव के पास ही चाहड़ गोत्र के हिंदू गुर्जर का अहमद पुरी गांव है।मेरठ के हस्तिनापुर ब्लाक में चांद नंगला गांव में असफाक गुर्जर जो अधाना गोत्र के है, निवास करते हैं।अधाना गोत्र के हिंदू गुर्जर का माछरा ब्लाक में गोविंद पुर गांव है। असफाक गुर्जर की,तिसंग गांव में जो मुजफ्फरनगर के खतौली ब्लाक में स्थित है, जिसमें पताहा गोत्र के मुस्लिम गुर्जर रहते हैं, में ससुराल है।पताहा गोत्र के हिंदू गुर्जर खतौली ब्लाक के अंतवाडा गांव में निवास करते हैं।किला परिक्षत गढ़ ब्लाक में अशीलपुर गांव का एक माजरा गोठड़ा गांव के नाम से है,इस गांव में हिंदू गुर्जर व कटारिया गोत्र के मुस्लिम गुर्जर निवास करते हैं। हस्तिनापुर ब्लाक में बस्तौरा गांव में खलील गुर्जर जो कटारिया गोत्र के है, निवास करते हैं। चौधरी खलील गुर्जर मेरठ क्षेत्र के मुस्लिम गुर्जरों मे एक सम्मानित व्यक्ति है,जिनका हिन्दू गुर्जरों मे भी व्यापक प्रभाव है। खलील गुर्जर जी ने अपने कथन मैं प्रमुख समाजसेवी श्री सूर्य प्रकाश जी व योगेन्द्र त्यागी जी व अशोक चौधरी के सम्मुख बताया कि उनके दादा जी के नाम हिंदुओं की तरह ही थे, कुछ वर्ष से ही परिवार मे फारसी नाम रखने की शुरुआत हुई है। चौधरी खलील गुर्जर के पिता का बरकत व बरकत जी के पिता का नाम गुलाब था, चौधरी खलील जी के दो ताऊ,जिनका नाम मंगत व ननुआ था। खलील गुर्जर जी की आयु लगभग 80 वर्ष होगी,इस समय।
हापुड़ जिले के गढ़ ब्लाक के लोदीपुर छबका गांव के निवासी प्रमुख समाजसेवी श्री राजबल सिंह जी ने गांव सारंगपुर मे गांव के प्रधान अकबर चौहान जी के सम्मुख बताया कि अब से कुछ वर्ष पूर्व तक हिंदू और मुस्लिम गुर्जर महिलाएं एक साथ ही देव उठान एकादशी पर एक साथ ही दिपक जलाया करती थी।
कहने का तात्पर्य यह है कि आपस के सामंजस्य मे कही कोई कमी नहीं है। दोनों समाज का आपसी सुख दुख मे सदा सहयोग रहा है।
24 सितंबर सन् 2024 को बस्तौरा गांव में चौधरी खलील गुर्जर के निवास स्थान पर हिंदू व मुस्लिम गुर्जर समाज की एक साझी बैठक हुई थी, जिसमें अन्य समाज के वरिष्ठ समाजसेवी श्री सूर्य प्रकाश टोंक, चौधरी जयवीर सिंह, योगेन्द्र त्यागी जी उपस्थिति रहें थे। हिंदू गुर्जर में मेरठ से अशोक चौधरी,कुनकुरा गांव से श्री ऋषिपाल सिंह कंसाना, अलीपुर मोरना से श्री गजेन्द्र नागर, गांव नानपुर से डा हरेंद्रसिंह तथा महिला प्रतिनिधि के रुप में मवाना की रहने वाली एडवोकेट मुनेश रानी उपस्थित रही थी।
09 अक्टूबर सन् 2024 को सारंगपुर गांव में मुस्लिम व हिन्दू गुर्जर समाज की एक साझी बैठक हुई थी। जिसमें बस्तौरा की तरह ही सैकड़ों की संख्या में दोनों समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ श्री सूर्य प्रकाश टोंक जी व योगेन्द्र त्यागी, चौधरी जयवीर सिंह भी शामिल रहें।बैठक में बडे सोहार्द पूर्ण वातावरण में एक दूसरे के सुख दुख की बात की गई। सारंगपुर गांव मुस्लिम गुर्जर का सबसे बडी आबादी वाला गांव है,इस गांव में चाहड़, कल्श्यान, भड़ाना गोत्र के मुस्लिम गुर्जर निवास करते हैं। बैठक कराने में में गांव के प्रधान अकबर चौहान [Mobile] +91 99273 02574
[Home] 9454625032 तथा हिन्दू गुर्जर पक्ष की ओर से लोदीपुर छपका के राजबल सिंह का बडा सहयोग रहा। बैठक में बस्तौरा गांव की तरह ही श्री सूर्य प्रकाश टोंक, योगेन्द्र त्यागी तथा चौधरी जयवीर सिंह गुर्जर समाज से अलग समाज सेवी के रुप में उपस्थित रहें। बैठक में सैकड़ों की संख्या में दोनों समुदायों के गुर्जर समाज के लोग उपस्थित रहे।बैठक में बस्तौरा के चौधरी खलील गुर्जर जी भी उपस्थित रहें।मेरठ से अशोक चौधरी, सतेंद्र भडाना तथा ब्रह्म पाल सिंह लखवाया , गांव पूठी से मनोज रावल व पूठी गांव के प्रधान के छोटे भाई प्रिंस गुर्जर ,डा सुशील भाटी, अशोक चौधरी आदि उपस्थित रहे।
आज दिनांक 10-02-25 दिन सोमवार को दोपहर 12 बजे गुर्जर समाज साझी विरासत समिति के तत्वावधान में जिला बागपत के नौरोजपुर गुर्जर गांव में मुस्लिम गुर्जर काले ऊर्फ मुरसलीम के यहा एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में साझी विरासत मेरठ प्रांत के संयोजक अशोक चौधरी, जिला मेरठ महानगर पश्चिम के संयोजक सतेंद्र भडाना तथा बागपत जिला के संयोजक गांव पाबला निवासी मनोज प्रधान, गांव नौरोज पुर के शब्बीर विधुडी, लियाकत विधुडी,अलीमू विधुडी, हारुन विधुडी बादल विधुडी,नसीम विधुडी आदि उपस्थित रहे। गांव नौरोज पुर में कंसाना गोत्र का एक मुस्लिम गुर्जर परिवार भी रहता है।इनमे एडवोकेट दिलशाद कसाना किसी कारण वश बाहर चले गए थे।इन बैठक बडे सोहार्द पूर्ण वातावरण में समाज की बात हुई,कालू विधुडी ने बताया कि उनके पिता का नाम जगबीर है जो कि एक हिंदू नाम है।यह इस बात को दर्शाता है कि आपस में कितना मेल मिलाप है। नौरोज पुर गांव के बाबा अचल सिंह विधूड़ी सन् 1857 के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी रहें हैं, जिन्होंने बाबा शाहमल सिंह के साथ मिलकर लडाई लडी थी। वर्तमान में सभी विधुडी मुस्लिम गुर्जर बाबा अचल सिंह की ही संतान है।काले ऊर्फ मुरसलिम ने अपना आधार कार्ड भी दिखाया जिस पर उनके पिता का नाम जगबीर लिखा हुआ है।काले ने वह नीम का पेड़ भी दिखाया जो सन् 1857 के समय का उनके आंगन में है।
आज दिनांक 23-03-25 दिन रविवार, दोपहर 12 बजे अमरोहा ज़िले के धनौरा कस्बे में डा यतीन्द्र कटारिया जी के निवास स्थान पर जाकर समाज जागरण के विषय में चर्चा की, उसके बाद सतेंद्र रिसोर्ट में आयोजित त्याग की मूर्ति पन्ना धाय की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागेदारी की। उपस्थित सभी महानुभावों से विचार विमर्श किया।इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन यतेंद्र कटारिया जी ने किया, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तथा गुर्जर परियोजना के मेरठ के प्रांत संयोजक अशोक चौधरी, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश चंद्र खटाना, धनौरा कस्बे के आसपास के करीब दस गांव के मुख्य लोग जिनमें ओमकार सिंह,डा पदम सिंह, धर्मवीर सिंह प्रधान,वरन सिंह, हरेंद्र सिंह भाटी, रविन्द्र भाटी, नरेंद्र कटारिया, मांगेराम, उपेंद्र सिंह,श्रषिपाल सिंह, जगराम सिंह,डा सुरेन्द्र सिंह,बिसम्भर सिंह, धर्मवीर सिंह आर्य,रकम सिंह, राजवीर सिंह,बाग सिंह प्रधान, जयचंद, योगेन्द्र भाटी,डा सुमित नागर तथा मुस्लिम गुर्जर फारूख खारी उपस्थित रहें।
कार्यक्रम के बाद फारूख खारी गुर्जर के निवास स्थान पर अशोक चौधरी, रमेश चंद्र खटाना तथा हरेंद्र भाटी पहुंचे, वहां पर जलपान करने के पश्चात फारुख खारी के चाचा मोहम्मद अहमद खारी जो धनौरा की सहकारी समिति मे खजांची के पद से सेवानिवृत्त है,से बातचीत हुई। मोहम्मद मोहम्मद खारी की पुत्री की शादी मेरठ के बस्तौरा गांव के खलील गुर्जर के बेटे से हुई है का पता चला।पूरे धनौरा कस्बे में यह बात प्रचलित है कि धनौरा कस्बा फारुख खारी गुर्जर के पूर्वजों की जमीन पर बसा हुआ है।इस बारे में जब मोहम्मद अहमद खारी से बात की गई तब उन्होंने बताया कि उनके पुरखे बताते थे कि वो बिजनौर के झालू गांव के निवासी हैं, जहां आज रेलवे स्टेशन भी है, उस समय उनके पूर्वज हिन्दू थे। मोहम्मद अहमद ने बताया कि नजीबाबाद के पठान जागीर दार का बेटा अपनी बारात और दुल्हन को लेकर जा रहा था।उस बारात पर डाकुओं ने हमला कर दिया,दुल्हा और दुल्हन इस संघर्ष में बिछड़ गए।झालू गांव के गुर्जरों ने शौर को सुनकर घटनास्थल पर जाकर दुल्हन को डाकूओं से मुक्त करा लिया तथा अपने घर ले आये,दो तिन दिन बाद जब जागीर दार के सिपाही झालू गांव पहुंचे और बेगम का वही पर होने का पता चला तब जागीर दार भी वही पहुंच गया।झालू के लोगों ने दुल्हन को जागीर दार को वापस दे दिया परंतु जागीर दार ने कहा कि अब यह आपके घर तीन दिन रह चुकी है, इसलिए हम इसे नही अपना सकते, अतः जिस व्यक्ति ने इस दुल्हन को मुक्त कराने के लिए हुए संघर्ष में नेतृत्व किया है,वही इससे शादी कर ले, लेकिन शर्त यह है कि वह मुस्लिम बन जाये। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे गांव का हिंदू गुर्जर जागीर दार के कोप का परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। अतः झालू गांव के गुर्जरों ने अपने बेटे को मुस्लिम बना दिया,वह दुल्हन उस की पत्नी बन गई। नजीबाबाद के जागीर दार ने उस मुस्लिम बने गुर्जर युवक को धनौरा की जागीर दे दी।वह युवक एक गढी बनाकर धनौरा रहने लगा, ऊपर से मुस्लिम जरुर बन गया था परन्तु मन से हिंदू ही था,उस युवक ने गढ़ी मे एक मंदिर भी बनवाया जो आज भी मौजूद हैं, उसे गढी का मंदिर कहते हैं।उस मोहल्ले को भी गुर्जर मौहल्ला ऊर्फ गढी कहा जाता है। इस मुस्लिम बने गुर्जर युवक के साथ जो कुछ हिंदू गुर्जर आये वो आज भी चांदपुर के पास भूतपुरा गांव में आबाद हैं।जिनका आज तक भी परिवार के सभी कार्य क्रम में आना जाना होता है।
इसके बाद शाम को 6 बजें बिजनौर जिले के बढ़ापुर कस्बे में बिजनौर विभाग के संयोजक डा निर्दोष जी से वार्तालाप हुई तथा डा साहब से संगठन का गठन करने के विषय में बातचीत हुई।


गुर्जर समाज साझी विरासत मेरठ प्रांत संयोजक अशोक चौधरी मेरठ-

गुर्जर परम्परा लेखन टोली मेरठ प्रांत 
9 विभाग 27 जिले -

1-मेरठ विभाग संयोजक 
चौधरी ब्रह्मपाल सिंह गांव लखवाया/सुशांत सिटी सेक्टर 5
8630070041,9837558088
सह संयोजिका 
डा रेखा राणा 
7088111167
सह संयोजक 
चौधरी खलील कटारिया गांव बस्तौरा 
9012372406
1- पूर्वी मेरठ महानगर 
संयोजक 
गुलबीर सिंह पूर्व पार्षद गंगा नगर 
9756961111
सह संयोजक 
श्रीमती रेशमा राणा गंगानगर 
8265979311
सह संयोजक 
जोरोद्दीन चौहान 
9997289652
2- मेरठ पश्चिमी 
श्री सतेंद्र भडाना गांव नरहैडा/सुशांत सिटी सेक्टर 5 
8750862268
श्रीमती अनीता गुर्जर गांव भूडबराल 
9457631587
3- मवाना 
 संयोजक 
ऋषि पाल कंसाना गांव कुनकुरा 
+918279951079
सह संयोजक 
आरिफ गुर्जर सारंगपुर 
7500837593
4- सरधना 
संयोजक 
श्री ब्रज सिंह मोतला दादरी 
9315565718
5- हापुड़ 
श्री राजबल सिंह गांव लोदीपुर छबका 
+919758641797
2- लक्ष्मीनगर विभाग 
संयोजक 
चौधरी ब्रह्म सिंह चौहान गांव दसाला 
9760521241
सह संयोजक 
इरशाद गुर्जर नेता जी गांव तिसंग
9358810122
जिला संयोजक 
1- शामली 
श्री वीरपाल सिंह चौहान गांव खंदरावली 
9997623084
2- बागपत 
मनोज प्रधान गांव पाबला 
9068681187
3- लक्ष्मीनगर 
श्री ओमपाल सिंह आर्य गांव टिटौडा 
9012269194
असजद गुर्जर गांव तिसंग 
9927414272
3- सहारनपुर विभाग 
संयोजक 
श्री मनोज चौधरी रामपुर मनिहार 
9837900050
आशिष अली गुर्जर 
7830281786
जिला संयोजक 
1- सहारनपुर 
श्री नवीन राठी सहारनपुर 
9719287287
2- देवबंद 
विनोद कुमार गांव साल्हापुर 
7830002426
3- बेहट 
श्री मुनेश चौधरी गांव गैंदेबढ 
9761352100
4- बिजनौर विभाग 
संयोजक 
डा निर्दोष गुर्जर बढ़ा पुर
9761763971
सह संयोजिका 
डा कविता गुर्जर बढ़ा पुर 8439321832
सह संयोजक 
गुलाम नवी गोत्र लोधा गांव झोलू खत्ता 7417451796
जिला संयोजक 
1- बिजनौर 
हरषित कटारिया गांव छीबरी 
9068372492
2- धामपुर 
श्री शेखर सिंह 
8476060787
5- सम्भल विभाग 
संयोजक 
श्री विरेन्द्र सिंह गुर्जर गजरोला 
9837151140
सह संयोजक 
डा रशीद भड़ाना हयात नर्सिंग होम मेरठ गांव धींवर खेडी जिला अमरोहा
9837782445
सह संयोजिका 
श्रीमती रेखा रानी गजरोला 9756920938
डा रूबी सिंह धनौरा 7017501613
जिला संयोजक 
1- अमरोहा 
श्री अजय पाल सिंह कटारिया गांव सेंद नंगली/हसनपुर 
7351344244
जगमाल सिंह भड़ाना मुरादपुर 9084466669
रूपक भडाना पुत्र जगमाल सिंह भड़ाना मुरादपुर 9627222246
सह संयोजक 
फारुख खारी धनौरा 7248579169
शौकिन भड़ाना गांव धींवर खेडी जिला अमरोहा 
7536828988
डा छोटे खां गांव नौनेर 9012595020
सह संयोजिका 
श्रीमती उमा नागर हसनपुर 9897371590
2- सम्भल 
श्री चेतन सिंह गांव सेवडा जसरथ नंगला 
9927809078
6- बुलंदशहर विभाग 
संयोजक 
श्री वेदप्रकाश जी पुलिस कालोनी 7011275647
जिला संयोजक 
1- खुर्जा 
विक्की गुर्जर मावी चंद्र लोक कालोनी 
8445215151
7- नोएडा विभाग 
संयोजक 
श्री देवेन्द्र नागर गांव अच्छैजा 
7065066400
सह - संयोजक 
डा पूजा 
8860224563
जिला संयोजक 
1- गौतमबुद्ध नगर 
श्री संदीप जी 
8938057022
2- नोएडा 
डा अनुज चंदेल 
9313346934
8- गाजियाबाद विभाग 
संयोजक 
श्री तेजपाल सिंह पोसवाल पूर्व पार्षद मोदीनगर 
7302874515
जिला संयोजक 
1- गाजियाबाद 
श्री प्रवीण बैसोया मुरादनगर 
9953432506
2- वैशाली 
श्री युग गुर्जर/युगांतर कसाना 
9716400421
9- मुरादाबाद विभाग संयोजक 
श्री राजू कवि 9927933721
रामपुर 
जिला संयोजक 
सतेंद्र सिंह 9719724197

विभाग 9 में से 9 तथा जिला 27 में से 20 के संयोजक बना दिए गए हैं।मेरठ विभाग में महिला संयोजक भी बन गई है।
प्रांत संयोजक 
अशोक चौधरी मेरठ
9837856146
सदस्य 
1- डा धनपाल सिंह शामली 
9811447977
2- राजकुमार प्रधान हापुड़ 
8445486236
3- सुभाष गुर्जर मवाना 
9411027293
4- बालेश्वर आर्य लक्ष्मी नगर 
9719998847
5- शक्ति मोहन सिंह गांव ताजपुर लक्ष्मी नगर 
9758144024
6- श्री तप्सी भाटी गांव चिटैहडा 
7982614237 गौतमबुद्ध नगर 
7- अनमोल कपासिया गांव कासमपुर खोला 
8218619714
8- सरदार मेम्बर सिंह गांव सादुल्ला पुर 
9837150694
9- एड मुकेश रानी मवाना 
9411027293
10- श्रीमती ममता भाटी नोएडा 
9990614842
8595612642
विशेष आमंत्रित सदस्य 
1- श्री जगदीश पूठा मेरठ
9837040483
2- श्री राजीव इंद्राज मेरठ 
972000003
3- जयवीर सिंह रिठानी 
8171000600
4- श्री सुनील भडाना जुर्रानपुर 
9808151466
5- श्री मुनेंद्र सिंह लोहिया 
9557100102
6- श्री राजेन्द्र सिंह लिसाड़ी 
9917179944
7- श्री नरेश सिंह बैंसला काजीपुर 
9897637914
8- श्री सुरेन्द्र सिंह भड़ाना काजीपुर 
9412831056
9- श्री सुरेन्द्र सिंह जी घाट/सुशांत सिटी सेक्टर -3
9012530000
10- श्री वेदपाल चपराणा 
+919557796465
11- श्री प्रताप सिंह बक्सर 
8218182194
12- श्री नितीन कसाना कुण्डा पूर्व ब्लाक प्रमुख 
9012368008
2- श्री जगत सिंह दौसा 
9927023530
3- डा योगेश प्रधान प्रमुख मवाना ब्लाक प्रमुख 
9897531660
4- श्री कपिल मुखिया नरहैडा मेरठ ब्लाक प्रमुख 
9012999111
5- श्री पप्पू सिंह गुर्जर पूर्व ब्लाक प्रमुख 
9837097164

मेरठ विभाग 
जिला मेरठ महानगर 
पूर्वी मेरठ 
गुलबीर सिंह पूर्व पार्षद गंगा नगर 
9756961111
सह संयोजक 
श्रीमती रेशमा राणा गंगानगर 
8265979311
सह संयोजक 
नुरुद्दीन चौहान शास्त्री नगर 
9997289652
1- श्री महिपाल सिंह चौधरी 
9358431475
2- श्री महेश भड़ाना शेर गढी 
8439395618
3- श्री अनुज भड़ाना काजीपुर 
8630303296
4- श्री संजीव नागर नूरनगर 
9412663516
5- श्री सुधीर गुर्जर रिठानी 
9927099636
6- श्री सचिन भड़ाना एडवोकेट जुर्रानपुर 
7248353535
7- श्री भोपाल सिंह गुमी
90125300000
8- श्री नरेन्द्र भड़ाना नरहैडा 
9319962240
9- श्री मुनिंदर सिंह भड़ाना फफूंडा 
9719562940
10- श्री रविन्द्र मंजुल शास्त्री नगर 
9412201793
11- सरदार शौ सिंह जागृति विहार 
9410233570
12- श्री गौरव गुर्जर शिव शक्ति विहार 
9808151629
13- श्री सागर पोसवाल शास्त्री नगर 
9761555515
14- श्री ललित गुर्जर पल्लवपुरम 
9927121413
15-श्री नवनीत बैंसला काजीपुर 
9897737588
16- डा आदित्य सिंह लिसाड़ी 
9837350007
17- श्री सुरेन्द्र सिंह पुलिस कालोनी 
8267000666
18- श्री राजकरण सिंह गंगानगर 
9837525652
19- एड ओमपाल सिंह मिनाक्षी पुरम 
9837166425

पश्चिमी मेरठ महानगर 
संयोजक 
श्री सतेंद्र सिंह भड़ाना 
8750862298
1- श्री देवेन्द्र सिंह चपराना वेदव्यास पुरी 
9997412512
2- श्री अजय सिंह दौसा सुशांत सिटी सेक्टर 5 
9927017179
3- श्री अजय मावी सुशांत सिटी सेक्टर 5 
9927755722
4- श्री सुंदर सिंह पठानपुरा सुशांत सिटी सेक्टर 3 
9319054080
5- श्री जयचंद जी भूडबराल 
9634358296
6- श्री तरुण लखवाया 
8077732019
7- श्री सूक्ष्म सिंह लखवाया 
7351713595
8- श्री अजय सिंह कंसाना कुण्डा 
9719686697
9- श्री सर्वेश सिंह एडवोकेट पूठा 
9719685401
10- श्री विवेक सिंह चौहान कृष्णा नगर 
9897066628
11- कै0 ऋषिपाल सिंह नटेश पुरम कंकर खेड़ा 
9897434088
जिला मवाना 
संयोजक 
संयोजक 
ऋषि पाल कंसाना गांव कुनकुरा 
+918279951079
सह संयोजक 
आरिफ गुर्जर सारंगपुर 
7500837593
1- माछरा ब्लाक 
संयोजक 
दिनेश भडौली 
826688801
2- किला परिक्षत गढ़ ब्लाक 
संयोजक 
मनोज रावल गांव पूठी 
8279364792
सह संयोजक 
मोमीन गुर्जर सारंगपुर 
9690302905
1- गौरव नागर पूठी 
9084446606
2- सौरव गुर्जर किला 
9058164356
3- अजय सिंह पूठी 
8273295816
4- अंकित गुर्जर रामनगर 
9557131347
5- मोनू गुर्जर रामनगर 
8006115115
6- मोन्टी गुर्जर पूठी 
9520725658
7- प्रवेश गुर्जर चितवाना 
8410800873
8- सुमित कुमार सिखेड़ा 
9528225209
9- अमरपाल सिंह सिखेड़ा 
8630524469
10- हरिश मावी सिखेड़ा 
6397280481
11- विकास कुमार सिखेड़ा 
6396129835
3- मवाना ब्लाक 
संयोजक 
प्रवीण कुमार गांव खेडकी 
9761270479
4- हस्तिनापुर ब्लाक 
संयोजक 
शक्ति सिंह गांव रानी नंगला 
8534091245
5- खरखौदा ब्लाक 
संयोजक 
दिग्विजय सिंह गांव सेतकुआ 
8755995460
6- रजपुरा ब्लाक 
संयोजक 
ओमप्रकाश जी गांव गांवड़ी 
9758936125
8266870205
माछरा ब्लाक 
संयोजक 
दिनेश भडौली 
826688801
1- कांति प्रसाद गांव नित्यानंद पुर 
9917703456
2- शेखर मावी गांव बहरोडा 
7983053285
3- तुलाराम गांव सादुल्ला पुर 
9761338352
4- सतेंद्र सिंह गांव गोविंद पुर 
9058288270
5- कृष्ण पाल मावी गांव कैली 
8006325000
6- अनूप नागर गांव झीडियो 
7500924255
7- चिंटू गांव फतेहपुर 
9719943275
8- डा आर पी सिंह चौधरी गांव लालपुर 
9675666677
9- दिनेश प्रधान गांव शहजाद पुर 
9897679281
जिला सरधना 
संयोजक 
9315565718
सह संयोजक 
नरेंद्र सिंह घाट 
7017308189
ब्लाक जानी 
संयोजक 
अजयबीर सिंह बैंसला नंगला जमालपुर 
8755316053
1- कृष्ण पाल पांचली 
7017567594
2- अनुज योगी पांचली 
7983333030
7500019636
3- संदीप कुमार पांचली 
9368510044
4- आदित्य नागर पांचली 
7906694242
5- बबलू गुर्जर पांचली 
9520467676
6- रकम सिंह पांचली 
9084444614
7- विकास चपराणा पावटी 
7055971675
8- विनोद चपराना पावटी 
8958009840
9- इन्दर पाल सिंह पावटी 
9568213548
10- राजवीर सिंह घाट 
9870941425
11- अभिषेक प्रधान नंगला 
8923664411
ब्लाक रोहटा 
संयोजक 
योगेन्द्र सिंह भाटी उकसिया 
9917456046
1- संजय सिंह रासना 
8535054209
9758710693
2- प्रवीण भाटी उकसिया 
6238689395
3- अंकित भाटी उकसिया 
9068931682
4- मनीष मोरल किनौनी 
7452009687
5- लोकेश प्रधान जिटौला 
992700882

मुस्लिम गुर्जर कार्यकर्ताओं की सूची 
1- सफदर अली गुर्जर सहारनपुर पुर 
9720011000
2- आशिष अली गुर्जर सहारनपुर 
7830281786
3- असजद गुर्जर गांव तिसंग मुजफ्फरनगर 
9927414272
4- खालिद गुर्जर गांव तिसंग मुजफ्फरनगर 
9760602960
5- इरशाद गुर्जर नेता जी गांव तिसंग मुजफ्फरनगर 
9358810122
6- असफाक अधाना गांव चांद नंगला जिला मवाना मेरठ 6395237373
7- चौधरी खलील गुर्जर गांव बस्तौरा जिला मवाना 
9012372406
8- आरिफ गुर्जर सारंगपुर जिला मवाना 
7500837593
9- मोमीन गुर्जर सारंगपुर जिला मवाना 
9690302905
10- डा रशीद भड़ाना हयात नर्सिंग होम मेरठ गांव धींवर खेडी जिला अमरोहा 
9837782445
11- शौकिन भड़ाना गांव धींवर खेडी जिला अमरोहा 
7536828988
12- नुरुद्दीन चौहान शास्त्री नगर मेरठ 
9997289652
13- अकबर चौहान गांव सारंगपुर जिला मवाना 
 99273 02574
14-फारुख खारी धनौरा 7248579169
15- मोहम्मद अहमद धनौरा 9927313624
16- गुलाम नवी गोत्र लोधा बिजनौर 7417451796
17- काला विधुडी नौरोज पुर बागपत +919756236254
18- राविल एडवोकेट डोला 9368606835
19- आसिफ गुर्जर डोला 9997759430
20- इकराम गुर्जर तीतरवाडा 9917644740
21 श्रीमती रीजवाना गुर्जर सहारनपुर 8448854500

              महिला कार्यकर्ता 

1- डा रेखा राणा इंचोली मेरठ- 7088111167
2- एड मुकेश रानी मवाना - 9411027293
3- डा पूनम सिंह सर्वोदय कालोनी मेरठ 8218264678
4- श्रीमती रेशमा राणा गंगानगर मेरठ - 9756961111
5- श्रीमती रीमा सिंह सुशांत सिटी सेक्टर 5 मेरठ - 8126336613
6- श्रीमती एकता सिंह लोदीपुर छपका हापुड़ - 8392815878
7- डा पूजा गौतम बुद्ध नगर - 8860224563
8- श्रीमती अनीता गुर्जर भूडबराल - 9457631597
9- श्रीमती गुड्डी कंसाना गाजियाबाद - 9910472075
10- श्रीमती पूजा चौधरी अमरोहा - 6395854393
11- एड नीशी रानी पल्लवपुरम - 8650290640
12- श्रीमती अनीता रानी जी आनंद नर्सिंग होम के पीछे 8449217290
13- डा मौसम चौहान भारती शामली/चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय 9690059047
14- श्रीमती शिम्मी भाटी सर्वोदय कालोनी मेरठ 8630024805
15- श्रीमती सरोज भाटी ग्रेटर नोएडा 8860133864
16- प्रोफेसर निलम सिंह सिम्भावली डिग्री कॉलेज हापुड़ 9837773222
17- श्रीमती राकेश बैसोया ग्रेटर नोएडा 8800157515
18- श्रीमती सरगम गुर्जर लोहिया दिल्ली 9820771226
19- श्रीमती मधु गुर्जर पूर्व मेयर मेरठ 9897283988
20- श्रीमती रेखा नागर जिला पंचायत अध्यक्ष हापुड़ 9717462882
21- एड ललिता चौधरी लोनी 
+919313126076



मंगलवार, 20 अगस्त 2024

गुर्जर समाज साझी विरासत मेरठ प्रांत संयोजक अशोक चौधरी मेरठ

गुर्जर परम्परा लेखन टोली मेरठ प्रांत 
9 विभाग 27 जिले 
1-मेरठ विभाग संयोजक 
चौधरी ब्रह्मपाल सिंह गांव लखवाया/सुशांत सिटी सेक्टर 5
8630070041,9837558088
सह संयोजिका 
डा रेखा राणा 
7088111167
सह संयोजक 
चौधरी खलील कटारिया गांव बस्तौरा 
9012372406
1- पूर्वी मेरठ महानगर 
संयोजक 
गुलबीर सिंह पूर्व पार्षद गंगा नगर 
9756961111
सह संयोजक 
श्रीमती रेशमा राणा गंगानगर 
8265979311
सह संयोजक 
जोरोद्दीन चौहान 
9997289652
2- मेरठ पश्चिमी 
श्री सतेंद्र भडाना गांव नरहैडा/सुशांत सिटी सेक्टर 5 
8750862268
श्रीमती अनीता गुर्जर गांव भूडबराल 
9457631587
3- मवाना 
 संयोजक 
ऋषि पाल कंसाना गांव कुनकुरा 
+918279951079
सह संयोजक 
आरिफ गुर्जर सारंगपुर 
7500837593
4- सरधना 
संयोजक 
श्री ब्रज सिंह मोतला दादरी 
9315565718
5- हापुड़ 
श्री राजबल सिंह गांव लोदीपुर छबका 
+919758641797
2- लक्ष्मीनगर विभाग 
संयोजक 
चौधरी ब्रह्म सिंह चौहान गांव दसाला 
9760521241
जिला संयोजक 
1- शामली 
श्री वीरपाल सिंह चौहान गांव खंदरावली 
9997623084
2- बागपत 
मनोज प्रधान गांव पाबला 
9068681187
3- लक्ष्मीनगर 
श्री ओमपाल सिंह आर्य गांव टिटौडा 
9012269194
3- सहारनपुर विभाग 
संयोजक 
श्री मनोज चौधरी रामपुर मनिहार 
9837900050
जिला संयोजक 
1- सहारनपुर 
श्री नवीन राठी सहारनपुर 
9719287287
2- देवबंद 
विनोद कुमार गांव साल्हापुर 
7830002426
3- बेहट 
श्री मुनेश चौधरी गांव गैंदेबढ 
9761352100
4- बिजनौर विभाग 
संयोजक 
डा निर्दोष गुर्जर बढ़ा पुर
9761763971
जिला संयोजक 
1- बिजनौर 
हरषित कटारिया गांव छीबरी 
9068372492
2- धामपुर 
श्री शेखर सिंह 
8476060787
5- सम्भल विभाग 
संयोजक 
श्री विरेन्द्र सिंह गुर्जर गजरोला 
9837151140
जिला संयोजक 
1- अमरोहा 
श्री अजय पाल सिंह कटारिया गांव सेंद नंगली/हसनपुर 
7351344244
2- सम्भल 
श्री चेतन सिंह गांव सेवडा जसरथ नंगला 
9927809078
6- बुलंदशहर विभाग 
संयोजक 
श्री सतीश पोसवाल 
9810897552
जिला संयोजक 
1- खुर्जा 
विक्की गुर्जर मावी चंद्र लोक कालोनी 
8445215151
7- नोएडा विभाग 
संयोजक 
श्री देवेन्द्र नागर गांव अच्छैजा 
7065066400
सह - संयोजक 
डा पूजा 
8860224563
जिला संयोजक 
1- गौतमबुद्ध नगर 
श्री संदीप जी 
8938057022
2- नोएडा 
डा अनुज चंदेल 
9313346934
8- गाजियाबाद विभाग 
संयोजक 
श्री तेजपाल सिंह पोसवाल पूर्व पार्षद मोदीनगर 
7302874515
जिला संयोजक 
1- गाजियाबाद 
श्री प्रवीण बैसोया मुरादनगर 
9953432506
2- वैशाली 
श्री युग गुर्जर/युगांतर कसाना 
9716400421
9- मुरादाबाद विभाग संयोजक 
श्री चंद्रभान सिंह गुर्जर मुरादाबाद 
9456042122

विभाग 9 में से 9 तथा जिला 27 में से 20 के संयोजक बना दिए गए हैं।मेरठ विभाग में महिला संयोजक भी बन गई है।
प्रांत संयोजक 
अशोक चौधरी मेरठ
9837856146
सदस्य 
1- डा धनपाल सिंह शामली 
9811447977
2- राजकुमार प्रधान हापुड़ 
8445486236
3- सुभाष गुर्जर मवाना 
9411027293
4- बालेश्वर आर्य लक्ष्मी नगर 
9719998847
5- शक्ति मोहन सिंह गांव ताजपुर लक्ष्मी नगर 
9758144024
6- श्री तप्सी भाटी गांव चिटैहडा 
7982614237 गौतमबुद्ध नगर 
7- अनमोल कपासिया गांव कासमपुर खोला 
8218619714
8- सरदार मेम्बर सिंह गांव सादुल्ला पुर 
9837150694
9- एड मुकेश रानी मवाना 
9411027293
10- श्रीमती ममता भाटी नोएडा 
9990614842
8595612642
विशेष आमंत्रित सदस्य 
1- श्री जगदीश पूठा मेरठ
9837040483
2- श्री राजीव इंद्राज मेरठ 
972000003
3- जयवीर सिंह रिठानी 
8171000600
4- श्री सुनील भडाना जुर्रानपुर 
9808151466
5- श्री मुनेंद्र सिंह लोहिया 
9557100102
6- श्री राजेन्द्र सिंह लिसाड़ी 
9917179944
7- श्री नरेश सिंह बैंसला काजीपुर 
9897637914
8- श्री सुरेन्द्र सिंह भड़ाना काजीपुर 
9412831056
9- श्री सुरेन्द्र सिंह जी घाट/सुशांत सिटी सेक्टर -3
9012530000
10- श्री वेदपाल चपराणा 
+919557796465
11- श्री प्रताप सिंह बक्सर 
8218182194
12- श्री नितीन कसाना कुण्डा पूर्व ब्लाक प्रमुख 
9012368008
2- श्री जगत सिंह दौसा 
9927023530
3- डा योगेश प्रधान प्रमुख मवाना ब्लाक प्रमुख 
9897531660
4- श्री कपिल मुखिया नरहैडा मेरठ ब्लाक प्रमुख 
9012999111
5- श्री पप्पू सिंह गुर्जर पूर्व ब्लाक प्रमुख 
9837097164

मेरठ विभाग 
जिला मेरठ महानगर 
पूर्वी मेरठ 
गुलबीर सिंह पूर्व पार्षद गंगा नगर 
9756961111
सह संयोजक 
श्रीमती रेशमा राणा गंगानगर 
8265979311
सह संयोजक 
जोरोद्दीन चौहान शास्त्री नगर 
9997289652
1- श्री महिपाल सिंह चौधरी 
9358431475
2- श्री महेश भड़ाना शेर गढी 
8439395618
3- श्री अनुज भड़ाना काजीपुर 
8630303296
4- श्री संजीव नागर नूरनगर 
9412663516
5- श्री सुधीर गुर्जर रिठानी 
9927099636
6- श्री सचिन भड़ाना एडवोकेट जुर्रानपुर 
7248353535
7- श्री भोपाल सिंह गुमी
90125300000
8- श्री नरेन्द्र भड़ाना नरहैडा 
9319962240
9- श्री मुनिंदर सिंह भड़ाना फफूंडा 
9719562940
10- श्री रविन्द्र मंजुल शास्त्री नगर 
9412201793
11- सरदार शौ सिंह जागृति विहार 
9410233570
12- श्री गौरव गुर्जर शिव शक्ति विहार 
9808151629
13- श्री सागर पोसवाल शास्त्री नगर 
9761555515
14- श्री ललित गुर्जर पल्लवपुरम 
9927121413
15-श्री नवनीत बैंसला काजीपुर 
9897737588
16- डा आदित्य सिंह लिसाड़ी 
9837350007
17- श्री सुरेन्द्र सिंह पुलिस कालोनी 
8267000666
18- श्री राजकरण सिंह गंगानगर 
9837525652
19- एड ओमपाल सिंह मिनाक्षी पुरम 
9837166425

पश्चिमी मेरठ महानगर 
संयोजक 
श्री सतेंद्र सिंह भड़ाना 
8750862298
1- श्री देवेन्द्र सिंह चपराना वेदव्यास पुरी 
9997412512
2- श्री अजय सिंह दौसा सुशांत सिटी सेक्टर 5 
9927017179
3- श्री अजय मावी सुशांत सिटी सेक्टर 5 
9927755722
4- श्री सुंदर सिंह पठानपुरा सुशांत सिटी सेक्टर 3 
9319054080
5- श्री जयचंद जी भूडबराल 
9634358296
6- श्री तरुण लखवाया 
8077732019
7- श्री सूक्ष्म सिंह लखवाया 
7351713595
8- श्री अजय सिंह कंसाना कुण्डा 
9719686697
9- श्री सर्वेश सिंह एडवोकेट पूठा 
9719685401
10- श्री विवेक सिंह चौहान कृष्णा नगर 
9897066628
11- कै0 ऋषिपाल सिंह नटेश पुरम कंकर खेड़ा 
9897434088
जिला मवाना 
संयोजक 
संयोजक 
ऋषि पाल कंसाना गांव कुनकुरा 
+918279951079
सह संयोजक 
आरिफ गुर्जर सारंगपुर 
7500837593
1- माछरा ब्लाक 
संयोजक 
दिनेश भडौली 
826688801
2- किला परिक्षत गढ़ ब्लाक 
संयोजक 
मनोज रावल गांव पूठी 
8279364792
सह संयोजक 
मोमीन गुर्जर सारंगपुर 
9690302905
1- गौरव नागर पूठी 
9084446606
2- सौरव गुर्जर किला 
9058164356
3- अजय सिंह पूठी 
8273295816
4- अंकित गुर्जर रामनगर 
9557131347
5- मोनू गुर्जर रामनगर 
8006115115
6- मोन्टी गुर्जर पूठी 
9520725658
7- प्रवेश गुर्जर चितवाना 
8410800873
8- सुमित कुमार सिखेड़ा 
9528225209
9- अमरपाल सिंह सिखेड़ा 
8630524469
10- हरिश मावी सिखेड़ा 
6397280481
11- विकास कुमार सिखेड़ा 
6396129835
3- मवाना ब्लाक 
संयोजक 
प्रवीण कुमार गांव खेडकी 
9761270479
4- हस्तिनापुर ब्लाक 
संयोजक 
शक्ति सिंह गांव रानी नंगला 
8534091245
5- खरखौदा ब्लाक 
संयोजक 
दिग्विजय सिंह गांव सेतकुआ 
8755995460
6- रजपुरा ब्लाक 
संयोजक 
ओमप्रकाश जी गांव गांवड़ी 
9758936125
8266870205
माछरा ब्लाक 
संयोजक 
दिनेश भडौली 
826688801
1- कांति प्रसाद गांव नित्यानंद पुर 
9917703456
2- शेखर मावी गांव बहरोडा 
7983053285
3- तुलाराम गांव सादुल्ला पुर 
9761338352
4- सतेंद्र सिंह गांव गोविंद पुर 
9058288270
5- कृष्ण पाल मावी गांव कैली 
8006325000
6- अनूप नागर गांव झीडियो 
7500924255
7- चिंटू गांव फतेहपुर 
9719943275
8- डा आर पी सिंह चौधरी गांव लालपुर 
9675666677
9- दिनेश प्रधान गांव शहजाद पुर 
9897679281
जिला सरधना 
संयोजक 
9315565718
सह संयोजक 
नरेंद्र सिंह घाट 
7017308189
ब्लाक जानी 
संयोजक 
अजयबीर सिंह बैंसला नंगला जमालपुर 
8755316053
1- कृष्ण पाल पांचली 
7017567594
2- अनुज योगी पांचली 
7983333030
7500019636
3- संदीप कुमार पांचली 
9368510044
4- आदित्य नागर पांचली 
7906694242
5- बबलू गुर्जर पांचली 
9520467676
6- रकम सिंह पांचली 
9084444614
7- विकास चपराणा पावटी 
7055971675
8- विनोद चपराना पावटी 
8958009840
9- इन्दर पाल सिंह पावटी 
9568213548
10- राजवीर सिंह घाट 
9870941425
11- अभिषेक प्रधान नंगला 
8923664411
ब्लाक रोहटा 
संयोजक 
योगेन्द्र सिंह भाटी उकसिया 
9917456046
1- संजय सिंह रासना 
8535054209
9758710693
2- प्रवीण भाटी उकसिया 
6238689395
3- अंकित भाटी उकसिया 
9068931682
4- मनीष मोरल किनौनी 
7452009687
5- लोकेश प्रधान जिटौला 
992700882

बुधवार, 22 मई 2024

आजाद भारत में मुस्लिम राजनीति की भागेदारी

भारत में मुस्लिम राष्ट्रपति 
1- डा जाकिर हुसैन सन् 1969
2- फखरूद्दीन अली अहमद 
3- डा एपीजे अब्दुल कलाम 
4- मोहम्मद हिदायतुल्ला कुछ समय के लिए 
5- हामिद अंसारी उप राष्ट्रपति बने।

मुस्लिम मुख्यमंत्री 
1- बरकतउल्ला खा सन् 1971 में राजस्थान के मुख्यमंत्री बने 
2- मोहम्मद हसन फारुख पांडुचेरी के तीन बार मुख्यमंत्री बने 
3- मोहम्मद अलीमुद्दीन मणीपुर के सन् 1972 में मुख्यमंत्री बने।दो बार रहें।
4- अब्दुर रहमान अंतुले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने 9 जून सन् 1980 को।
5- सईदा अनवरा तैमूर भारत में पहली महिला मुख्यमंत्री बनी आसाम से सन् 1980 में।
6- मोहम्मद गोया केरल के मुख्यमंत्री बने सन् 1980 में।
7- अब्दुल गफूर 2 जुलाई सन् 1973 में बिहार के मुख्यमंत्री बने दोबार।

शनिवार, 11 मई 2024

समिति समाचार

 सन् 1857 की क्रांति के बलिदानियों की स्मृति को जीवंत बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए एक समिति का गठन हुआ।जिसका नाम क्रांति तीर्थ समिति रखा गया था।माछरा गांव के रहने वाले श्री अश्विनी त्यागी जी इस समिति के संयोजक बनाये गये थे।प्रताप राव गुर्जर स्मृति समिति के अध्यक्ष पद पर रहते हुए मुझे भी इस समिति के संरक्षक मंडल में एक सदस्य के रूप में स्थान प्राप्त हुआ। क्रांति तीर्थ समिति के बैनर तलें जो कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मेरी भागेदारी रही।उन कार्यक्रमों का विवरण प्रताप राव गुर्जर स्मृति समिति के द्वारा विगत कई वर्षों से प्रकाशित की जा प्रताप वार्षिकी के सन् 2024 के अ़क में समिति समाचार के रुप में पाठकों के लिए प्रस्तुत है -
27 जून सन् 2023 को अमर क्रांतिकारी किला परिक्षत गढ़ के अंतिम राजा राव क़दम सिंह की स्मृति में 27 जून सन् 2023 को हापुड़ जिले के गढ़ ब्लाक के गोहरा आलमगीर गांव में पूर्व चेयरमैन चमन सिंह के निवास स्थान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्रांति तीर्थ समिति के संयोजक अश्वनी त्यागी, मुख्य वक्ता के रुप में इतिहास के प्रोफेसर डा सुशील भाटी, संरक्षक मंडल के सदस्य अशोक चौधरी,शिक्षाविद् प्रो हरेंद्र सिंह,गढ विधानसभा के विधायक हरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक कमल सिंह, हापुड़ की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा हूण/नागर,जिला पंचायत सदस्य मनोज अधाना तथा हापुड़ की भाजपा की जिला उपाध्यक्ष डा निलम सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी श्री ओमपाल हूण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लोदीपुर छबका गांव के श्री राजबल सिंह ने किया। कार्यक्रम में राव कदम सिंह के वंशंज श्री चमन सिंह को क्रांति तीर्थ समिति की ओर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
9 जुलाई सन् 2023 को मेरठ जिले के किला परिक्षत गढ़ ब्लाक में स्थित राव कदम सिंह के गांव पूठी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोहतास सिंह, क्रांति तीर्थ समिति के संयोजक अश्वनी त्यागी, मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक राव कदम सिंह के परिवार के श्री मनोज नागर तथा मनोज रावल रहें। क्रांति तीर्थ समिति की ओर से मनोज नागर,मनोज रावर तथा सुभाष नागर को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
22 जुलाई सन् 2023 को सन् 1857 की क्रांति के अमर बलिदानी मेरठ जिले के बहसूमा गांव के निवासी श्री दलेल सिंह व पिरथी सिंह की स्मृति में क्रांति तीर्थ समिति के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक बलिदानी दलेल सिंह व पिरथी सिंह के वंशंज श्री वेदपाल नागर रहें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बहसूमा सहकारी समिति के चैयरमेन श्री सुभाष गुर्जर रहें। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी तथा समिति संयोजक अश्वनी त्यागी उपस्थित रहे। क्रांतिकारी दलेल सिंह व पिरथी सिंह के वंशजों को क्रांति तीर्थ समिति की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
24 जुलाई सन् 2023 को सन् 1857 के अमर बलिदानी श्री इन्द्र सिंह राठी जी की स्मृति में एक कार्यक्रम का आयोजन क्रांति तीर्थ समिति के तत्वावधान में किया गया। प्रसिद्ध क्रांतिकारी विजय सिंह पथिक जो इन्द्र सिंह राठी के प्रपौत्र थे,का स्मरण भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला गौतमबुद्ध नगर के होमगार्ड जिला कमांडेंट श्री वेदपाल चपराणा उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी, समिति संयोजक अश्वनी त्यागी,सह संयोजक श्री मयंक अग्रवाल उपस्थित रहे। क्रांति तीर्थ समिति की ओर से क्रांतिकारियों के वंशंज श्याम लाल राठी, नत्थू सिंह राठी निवासी गांव अख्तियार पुर। नत्थू सिंह कपासिया निवासी गांव मुंडसाना।रामफल मावी निवासी गांव लुहारली।हरकेश सिंह निवासी गांव मनोहर गढ़ी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
25 जुलाई सन् 2023 को गाजियाबाद जिले के मोदी नगर के पास स्थित सीकरी गांव में सन् 1857 की क्रांति के अमर बलिदानी श्री सिब्बा सिंह गुर्जर एवं सीकरी गांव के सैकड़ों बलिदानियों की स्मृति में क्रांति तीर्थ समिति के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व पार्षद श्री तेजपाल सिंह पोसवाल तथा मुख्य अतिथि श्री कालूराम चैयरमेन रहें। मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी तथा समिति संयोजक अश्वनी त्यागी जी उपस्थित रहे। समिति की ओर से बलिदानियों के वंशंज श्री कालूराम चैयरमेन, आचार्य चंद्र शेखर शास्त्री एवं हरवीर वत्स को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
2 अगस्त सन् 2023 को बागपत जिले के बिजरोल गांव में सन् 1857 के अमर क्रांतिकारी चौधरी शाहमल सिंह की स्मृति में क्रांति तीर्थ समिति के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी तथा समिति के संयोजक अश्वनी त्यागी जी उपस्थित रहे। क्रांतिकारियों के वंशजों को क्रांति तीर्थ समिति की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
26 अगस्त सन् 2023 को जिला गोतम बुद्ध नगर के M-57 डेल्टा -3 में सन् 1857 की क्रांति के अमर बलिदानी तोता सिंह कंसाना की स्मृति में क्रांति तीर्थ समिति के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक तोता सिंह कंसाना के वंशज श्री नेपाल सिंह कंसाना रहें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री श्री नबाब सिंह नागर, मुख्य वक्ता के रुप में अशोक चौधरी समिति के संयोजक अश्वनी त्यागी तथा सह संयोजक मयंक अग्रवाल उपस्थित रहे। क्रांति तीर्थ समिति की ओर से क्रांतिकारियो के वंशज नेपाल सिंह कंसाना सहित करीब 10 लोगों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

रविवार, 31 मार्च 2024

एक जीवन मेरे पिताजी श्री समय सिंह-अशोक चौधरी/कुमार मेरठ।

मेरे पिताजी श्री समय सिंह पुत्र स्व श्री जिले सिंह एक सीधे- साधे ईश्वर मे विश्वास रखने वाले व्यक्ति थे।उनका जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतोली ब्लाक के भटौडा नाम के गांव में 11-05- 1942 में हुआ था।वो एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे।हमारी माता स्व श्रीमती श्याम कली देवी जो जिला मेरठ की मवाना तहसील के माछरा ब्लाक के अन्तर्गत गढ़ रोड पर स्थित हसनपुर कलां गांव के स्व श्री रामचन्द्र जी की पुत्री थी।हम अपनी माता-पिता के तीन संतान है,मेरी बडी बहन कृष्णा, में (अशोक चौधरी/कुमार) और मेरा छोटा भाई महेश कुमार।
हमारे मामा जी का परिवार पढा लिखा परिवार था,हमारे मामा जी श्री निर्भय सिंह व श्री सिब्बू सिंह सरकारी अधिकारी थे तथा शहर में निवास करते थे।ऊनकी जीवन शैली से प्रभावित होकर हमारी माता जी के अथक प्रयास तथा नाना व नानी जी के अथक सहयोग से हम भी सन् 1977 में मेरठ की नेहरू नगर कालोनी की गली नंबर एक मे अपना मकान बनाकर रहने लगे थे तथा शहरी नागरिक बन गये थे।
ग्रामीण से शहरी नागरिक बनने का सफर काफी दिलचस्प व संघर्ष भरा था। मेरे नाना जी का परिवार यूं तो एक किसान परिवार था, परंतु वह किसानों में अगडे थे।मेरे नाना जी के मकान का दरवाजा लखोरी ईंटों का बना हुआ था,जिसे देखकर यह प्रभाव पडता था कि यह पुराना सम्पन्न परिवार है।
सन् 1965 में मेरा जन्म हुआ था।मेरे परिवार में महिलाओं की कमी थी,मेरी दोनों बुआ शादी शुदा थी तथा मेरी दादी की मृत्यु मेरी माताजी की शादी के कुछ माह बाद ही हो गई थी,दादी जी की मृत्यु के समय मेरी एक बुआ की शादी भी नहीं हुई थी।इस कारण मेरा जन्म मेरे नानाजी के यहां ही हुआ था।जब मेरी माताजी मुझे लेकर मेरे गांव पहुची,तब 
 मेरे गांव से मेरे जन्म की सूचना की रस्म निभाने के लिए  हमारा नाई मेरे नाना जी के यहां पहुचा,तब मेरे नाना जी ने हमारे नाई की बडी खातिरदारी की तथा चलते समय भेंट स्वरूप 251 रुपये दिए।उस मंदे जमाने में यह एक बडी रकम थी।जब मेरै ताऊ जी ने हमारे नाई से पूछा कि रिश्तेदार कैसे हैं।तब नाई ने कहा कि जितने की आपकी पूरी जमीन है,उतनी किमत का तो आपके रिश्तेदार का दरवाजा है।इस पर मेरे ताऊ जी ने उसकी पिटाई कर दी। हमारे पास 65 बीघा जमीन थी,ताऊ बोले क्या दरवाजा 65 बीघा जमीन के बराबर का है।खैर नाई ने अतिश्योक्ति अलंकार का प्रयोग कर दिया था।मेरे ताऊ जी ने गुस्से में कह दिया कि देखेंगे छूछक ट्रक भरकर आयेगा क्या? मेरे नाना जी को यह बात मेरी माता जी के माध्यम से पता चल गई। मेरे नाना जी ने उस समय बेड, सोफा सेट, रेडियो, अनाज की टंकी,बडा सन्दूक आदि सामान ट्रक मे भरकर, ट्रक से ही छूछक भेज दिया।
मेरै नाना जी के यहां सन् 1972-73 के आसपास घर पर शौचालय बना हुआ था,जो उस समय एक किसान के यहां होना, परिवार की अग्रणिय स्थिति की ओर संकेत करता था।मेरी नानी जी जिनका नाम प्रहलादो देवी था,माछरा ब्लाक के भडोली गांव के निवासी श्री बहादर सिंह कसाना की पुत्री थी।जैसा मेरी नानी जी बताती थी कि उनके पिताजी पशुओं (गाय,भैस) की बीमारी दूर करने की देशी दवाई के जानकार थे।उनके द्वारा ही मेरी नानी जी को भी यह तकनीक ज्ञात थी।मेनै स्वयं देखा कि मेरी नानीजी गम्भीर बीमारी से ग्रस्त पशुओं को कान व पूंछ की नस बींधकर तथा देशी दवाई की दो तीन खुराक मे ही ठीक कर देती थी,इस कारण नानीजी का आसपास के कई गांवों में बड़ा आदर था।नानी जी कोई डिग्री प्राप्त डाक्टर नही थी, परंतु उनकी दवाई डिग्री प्राप्त डाक्टरों पर भारी पडती थी।इस कारण नानीजी उस पुराने समय में एक आर्थिक रुप से सशक्त महिला थी।
यही कारण रहा कि मेरे नानाजी एक माध्यम दर्जे के किसान होने के बावजूद भी अपने आसपास के बड़े किसानों से बहतर थे। हमारे मेरठ में स्थापित होने मे हमारी नानी जी का बहुत बड़ा योगदान था। हमारे पिताजी और दादाजी शहर में रहने के पक्षधर नही थे,वो गांव में ही अपनी खेती किसानी बढाना चाहते थे। परंतु हमारी माताजी शहरी जीवन की पक्षधर थी।इस स्थिति में शहर में सम्पत्ति खरीदने में मेरे पिताजी की कोई रुचि नहीं थी। सन् 1972 में मेरी माता जी ने अपने बल पर मेरठ में 200 वर्ग गज का एक प्लाट गढ़ रोड पर स्थित नेहरू नगर कालोनी में खरीद लिया,जिसकी किमत उस समय 12000 रुपये थी।इन 12000 रुपयों में हमारे पिताजी ने कोई सहयोग नहीं दिया था।सब धन मेरी माता जी ने लगाया था।मेरी माता जी का कोई व्यवसाय नही था। अतः किसी ना किसी रुप में यह धन मेरे नाना जी व नानी जी की कृपा से प्राप्त था। सन् 1974 में इस प्लाट की नींव भरी गई। उसमें आधा सहयोग हमारे पिताजी ने दिया था,करीब 5-7 हजार रुपए। सन् 1976 में इस प्लाट पर बिल्डिंग बनी, जिसमें 90000 रुपये खर्च हुए।मेरे पिताजी की ओर से 15000 रुपयों का सहयोग रहा था। सन् 1978 में मकान की फिनिशिंग हुई, इसमें पूरा खर्च मेरे पिताजी ने दिया था,जो करीब 25000 रूपये था।इस प्रकार हम शहरी नागरिक बन मेरठ में रहने लगे थे।
इंसान कितना भी पढ लिख ले, परंतु समाज के नियम उसे प्रभावित अवश्य करते हैं।मेरे मामाजी भी समाज की प्रथा से प्रभावित हो गये थे। क्योंकि वह उनको लाभ पहुंचाने वाली थी। भारतीय समाज में उस समय बेटी को पराया धन समझा जाता था। माता-पिता अपनी बेटी की शादी करना ही अपनी जिम्मेदारी समझते थे। परंतु जमाना बदल रहा था।मेरे नाना जी व नानी जी इस बदलाव से प्रभावित होकर बेटी को पराया धन ना मानकर बराबर का अधिकार दे रहे थे। परन्तु इस बदलाव को मेरे मामाजी स्वीकार नही कर रहे थे। अतः परिवार में तनाव बन गया था। जिसमें मेरे नाना जी व नानी जी तथा माता जी एक ओर थे तथा मेरे दोनों मामा जी एक ओर।आपसी मनमुटाव इतना बढ़ा कि हमारी शादियों में भात की रस्म मे भी परेशानियां बनी। परंतु समय के मरहम ने सब ठीक कर दिया था।हम तीनों भाई बहन तथा हमारे मामा जी के बीच रिश्ते सहज ही थे।
जब सन् 1977 में हम गांव से मेरठ में आ गये।तब मेरे पिताजी को गांव में ही रहकर खेती करानी पडी, क्योंकि मेरे दादाजी शहर में रहने के पक्षधर नही थे। उन्होंने मेरठ में रहने के लिए साफ मना कर दिया था।इस कारण मेरे पिताजी को सात-आठ वर्ष तक गांव में ही दादाजी के पास रुकना पडा।मेरी छोटी बुआ जी श्रीमती शिमला देवी का इस समयावधि में बहुत सहयोग रहा।बुआ जी वर्ष में करीब छः महीने पिताजी और दादाजी के पास गांव में रह जाती थी।कभी कभी कोई आपदा भी रास्ता आसान कर देती है।मेरा गांव मेन रोड से बहुत अंदर था, वहां बाजार से कुछ भी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी।नमक या माचिस जैसी चीजें लेने के लिए भी गांव से सात किलोमीटर दूर मंसूरपुर या तीन किलोमीटर दूर सिखेड़ा आना पडता था।ऐसी परिस्थिति में पिताजी और बाबाजी के खाना बनाने की व्यवस्था कैसे बनें।यह एक गंभीर प्रश्न था। कुटुम्ब के लोग सहयोगी थे परंतु लगातार सहयोग बने रहना सम्भव नहीं था।मेरी छोटी बुआ जी कुछ क्रोधी स्वभाव की थी।उनकी जहां शादी हुई (वर्तमान में उत्तराखंड में रूड़की के पास देवपुर गांव) वहां उनकी सासूजी भी क्रोधी स्वभाव की थी।मेरी बुआ जी के दो संतान एक बेटा व एक बेटी पैदा हो गई थी। लेकिन तभी मेरे फूफाजी का देहांत हो गया था। परिस्थिति ऐसी बनी कि मेरी बुआ जी और उनकी सासूजी के मध्य जो टकराव हो जाता था तो कोई शांत करने वाला नही था। बुआ जी के ससुर फूफाजी की मृत्यु के कुछ माह बाद ही स्वर्ग वासी हो गये थे।इन परिस्थितियों में मेरी बुआ जी वर्ष भर करीब आठ महिने पिताजी के पास गांव अपने बच्चों सहित आ जाती थी,वो छ महीने रहती फिर दो महिने को अपनी ससुराल चली जाती थी। वहां मुश्किल से दो महिने रह पाती थी फिर पिताजी के पास आ जाती थी। क्योंकि गांव में मेरी माताजी भी नही थी, इसलिए वहां उनका किसी से कोई टकराव नही होता था।इस प्रकार मेरे दादा जी की मृत्यु तक यही क्रम बना रहा।मेरी बुआ जी के बच्चे भी बडे हो गये थे,उनकी सासूजी की भी मृत्यु हो गई थी।समय की शक्ति ने सब सामान्य कर दिया था तथा दोनों परिवारों की समस्या का समाधान भी कर दिया था।
 जीवन चलता रहा।मेरी माता जी वृद्ध हो चली थी।उनका पैर फिसल गया तथा कूल्हा टूट गया।वो बैड पर आ गई। पिताजी ने इस समय माता जी को भरपूर सहारा दिया।वे माता जी के साथ एक परछाईं की तरह रहें।माता जी के नीजि देनिक कार्य में पिताजी ने भरपूर सहायता की।
5 दिसम्बर  2021(रविवार का दिन  मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि ) प्रात: 9 बजे माता जी इस नश्वर संसार को छोड़कर चली गई।
मेरे पिताजी,माता जी की मृत्यु के बाद कुछ समय के लिए असहज से रहें। परंतु हमने पिताजी को अकेला नही छोडा। में और मेरा छोटा भाई महेश, कोई ना कोई उनके पास ही सोता था। लेकिन 12-02-24 की दिन शाम को दूध पीते समय पिताजी के गले में फंदा लग गया।उनको हास्पिटल में भर्ती करना पडा।वो वेंटिलेटर पर आ गए  तथा  20 फरवरी 2024 को (माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि ) को अस्पताल में मृत्यु हो गई।वो इस नश्वर संसार को छोड़कर चले गए।
एक सीधे साधे सरल जीवन का अंत हो गया।